छत्तीसगढ़

यूथ कांग्रेस और NSUI नेताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज

Shantanu Roy
20 Sept 2025 7:24 PM IST
यूथ कांग्रेस और NSUI नेताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज
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धरना प्रदर्शन करना पड़ा महंगा
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में छात्र-युवा राजनीति से जुड़ी दो बड़ी घटनाओं ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों को प्रदर्शन करना भारी पड़ गया है। रायपुर पुलिस ने अलग-अलग प्रदर्शनों को लेकर यूथ कांग्रेस नेता भावेश शुक्ला और एनएसयूआई नेता प्रशांत गोस्वामी समेत कई पदाधिकारियों पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस ने हाल ही में खेल संचालनालय में कथित घोटालों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस प्रदर्शन के खिलाफ रायपुर पुलिस ने हिम्मत दिखाई और यूथ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ ही अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामलें में कांग्रेस नेता भावेश शुक्ला को गिरफ्तार भी कर लिया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। वही युवा नेता के खिलाफ BNS की धारा 3(2)(va)-SCH, 132-BNS, 221-BNS के तहत सरस्वती नगर थाना में अपराध दर्ज किया है। वही इस मामलें में जानकारी देते हुए सरस्वती नगर थाना प्रभारी नरेंद्र साहू ने कहा है कि ये मामला पूरा संवेदनशील है जिसकी जानकारी वो नहीं दे पायेंगे। मगर रायपुर शहर के कप्तान लाल उम्मेद सिंह ने कहा है कि मामलें की तहकीकात और जांच जारी है और जो भी गैरकानूनी काम धरना प्रदर्शन के दौरान हुआ है उसकी गहन जांच पड़ताल की जा रही है। किसी भी शासकीय कार्यालय में नेता गिरी के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे वो किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखता हो। यह मामला संवेदनशील होने की वजह से पुलिस भी आधिकारिक बयान नहीं दे रही है।



गजानंद इंस्टीट्यूट में एनएसयूआई का विरोध-प्रदर्शन
दूसरी ओर, रायपुर जिला एनएसयूआई ने शहर के गजानंद इंस्टीट्यूट में तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि इस संस्थान के संचालक जगदीश बांधव छात्रों से मोटी रकम लेकर डिग्रियां बेचने का काम कर रहे थे। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी के नेतृत्व में किए गए इस प्रदर्शन में दर्जनों छात्र कार्यकर्ता शामिल हुए। छात्रों की शिकायत थी कि संस्थान संचालक ने उनसे लगभग एक लाख रुपए नकद डेढ़ साल पहले लिए थे। जब छात्रों ने डिग्री और पैसे की वापसी की मांग की तो डायरेक्टर ने दो किस्तों में रकम लौटाने का आश्वासन दिया। मगर रकम न लौटाकर छात्रों को धमकाने की शिकायत सामने आई। इससे नाराज होकर एनएसयूआई नेताओं ने संस्थान का घेराव कर कालिख पोता और तालाबंदी कर दी।




पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटनाओं के बाद रायपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेंद्र सिंह ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल उनसे मुलाकात के लिए आया था और उन्होंने लिखित आवेदन भी सौंपा है। उनके अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर अपराध दर्ज किए गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि “प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसका तरीका तय होना चाहिए। अगर कोई प्रदर्शन हिंसक रूप लेता है या अव्यवस्था फैलती है तो उस पर कार्रवाई अनिवार्य है।”
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