छत्तीसगढ़
जंगल में फेंके गए नवजात बच्चे को ग्रामीणों ने बचाया, ओढ़गी पुलिस ने जांच शुरू की
Shantanu Roy
31 Jan 2026 11:45 PM IST

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Surajpur. सूरजपुर। मानवता को झकझोर देने वाली घटना सूरजपुर जिले के ओढ़गी थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर में सामने आई है, जहां जंगल में फेंके गए नवजात बच्चे को ग्रामीणों ने समय रहते बचाया। शनिवार की सुबह लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों ने जंगल के भीतर रोते हुए बच्चे की आवाज सुनी और तुरंत उसकी मदद के लिए आगे आए। ग्रामीणों के मुताबिक, नवजात शिशु जंगल में एक बोरे में लिपटा हुआ पड़ा था। बच्चे की हालत नाजुक थी, लेकिन वह जीवित था। मानवता की मिसाल पेश करते हुए ग्रामीणों ने बच्चे को गोद में उठाया और तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथपुर पहुंचाया। वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी ओढ़गी थाना पुलिस को भी दी गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे की स्थिति गंभीर पाई गई, जिसके बाद चिकित्सकों ने नवजात को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सूरजपुर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे का उपचार चल रहा है और उसकी हालत लगातार जांच में रखी जा रही है। डॉक्टरों ने कहा कि नवजात की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उसकी देखभाल और निगरानी अत्यंत आवश्यक है। ओढ़गी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात बच्चे को जंगल में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही पुलिस लगातार अस्पताल के डॉक्टरों के संपर्क में है और नवजात की सेहत की ताजा जानकारी ले रही है।
इस घटना ने न केवल मानवता को याद दिलाया, बल्कि समाज में सुरक्षा और जिम्मेदारी के महत्व को भी उजागर किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी इस बच्चे को इस स्थिति में फेंकने के लिए जिम्मेदार है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ओढ़गी थाना प्रभारी ने कहा कि नवजात की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा और समाज में मानवता की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है। ग्रामीणों की सतर्कता और तत्परता के कारण ही बच्चे की जान बच सकी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें, जिससे ऐसे मामले समय रहते रोके जा सकें। ओढ़गी पुलिस की सक्रिय भूमिका और स्थानीय लोगों की सतर्कता से यह साबित होता है कि सामूहिक प्रयासों से न केवल मानवता की रक्षा की जा सकती है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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