छत्तीसगढ़

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोनोग्राफी को लेकर हंगामा

Shantanu Roy
21 July 2026 6:52 PM IST
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोनोग्राफी को लेकर हंगामा
x
छग
Ambikapur. अंबिकापुर। संभाग के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सा संस्थानों में शामिल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा को लेकर मरीजों और परिजनों ने नाराजगी जताई है। अस्पताल में मरीजों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होने और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बावजूद मरीजों को जांच के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें समय पर सोनोग्राफी जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई मरीजों को तीन से चार दिन तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इस वजह से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन मौजूद है और रेडियोलॉजिस्ट भी उपलब्ध हैं, लेकिन जांच प्रक्रिया नियमित रूप से नहीं चल पा रही है। उनका आरोप है कि रेडियोलॉजिस्ट निजी अस्पतालों में भी ड्यूटी करते हैं, जिसके कारण वे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पूरा समय नहीं दे पाते। इसके चलते सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर जांच की सुविधा नहीं मिल रही है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें निजी सोनोग्राफी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी सेंटरों में जांच कराना अतिरिक्त बोझ बन रहा है। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्था सुधारने और मरीजों को समय पर जांच सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस पूरे मामले को लेकर एक परेशान परिजन ने अस्पताल परिसर में वीडियो बनाकर अपनी समस्या सामने रखी। वीडियो में मरीजों और उनके परिजनों ने सोनोग्राफी जांच में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में जांच जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के लिए कई दिनों तक इंतजार करना मरीजों की परेशानी बढ़ा देता है। उन्होंने मांग की है कि अस्पताल प्रशासन सोनोग्राफी जांच की व्यवस्था को बेहतर बनाए और मरीजों को अनावश्यक परेशानी से राहत दिलाए।
वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखने वाली बात होगी कि मरीजों की शिकायतों के बाद अस्पताल प्रशासन क्या कदम उठाता है और सोनोग्राफी व्यवस्था को सुचारू करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मरीजों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए केवल मशीन और संसाधन उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विशेषज्ञों की नियमित उपलब्धता और बेहतर प्रबंधन भी जरूरी है।
Tagsअंबिकापुर मेडिकल कॉलेजअंबिकापुर खबरसोनोग्राफी समस्यारेडियोलॉजिस्ट विवादस्वास्थ्य सेवाछत्तीसगढ़ स्वास्थ्यमेडिकल कॉलेज अस्पतालमरीजों का हंगामाअस्पताल लापरवाहीअल्ट्रासाउंड सुविधामरीज परेशानीनिजी सोनोग्राफी सेंटरस्वास्थ्य विभागअस्पताल प्रबंधनचिकित्सा खबरसरगुजा समाचारसरकारी अस्पतालस्वास्थ्य संकटमरीज शिकायतरेडियोलॉजी विभागअस्पताल वीडियोचिकित्सा सुविधास्वास्थ्य व्यवस्थाजनस्वास्थ्यअंबिकापुर अस्पतालसोनोग्राफी मशीनडॉक्टर ड्यूटीअस्पताल अपडेटमरीज अधिकारस्वास्थ्य समाचारमेडिकल कॉलेज मामलास्थानीय खबरब्रेकिंग न्यूजAmbikapur Medical CollegeAmbikapur newssonography issuesradiologist disputehealthcare servicesChhattisgarh healthmedical college hospitalpatient uproarhospital negligenceultrasound facilitypatient distressprivate sonography centersHealth Departmenthospital managementmedical newsSarguja newsgovernment hospitalhealth crisispatient complaintsradiology departmenthospital videomedical facilitieshealthcare systempublic healthAmbikapur hospitalsonography machinedoctor dutyhospital updatespatient rightshealth newsmedical college casehealthcarelocal newsbreaking news.
Next Story