छग में अवैध बांग्लादेशी-विदेशी घुसपैठियों की धरपकड़ ठंडे बस्ते में

देश की राजधानी दिल्ली में अवैध बांग्लादेशियों को खदेडऩे का अभियान तेजी से चल रहा
कांग्रेस शासनकाल में अवैध प्रवासियों को बसाया गया
बांग्लादेशी घुसपैठिए केवल छत्तीसगढ़ तक ही सीमित
नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने में छिपे बैठे हैं
स्थानीय पार्षद और छुटभैये नेता भी इस काम में लिप्त रहे
आनलाइन बैंक के फ्राड में बांग्लादेशियों को महारत
फेसबुक, सोशल मीडिया में बांग्लादेशी वेश्यावृत्ति, रिल्स और ब्लॉग
मसाज पॉलरों में भी ज्यादातर लड़कियां बांग्लादेशी
रायपुर (जसेरि)। अवैध बांग्लादेशियों की धरपकड़ अभियान प्रदेश की पुलिस चला रही है, पुलिस सूत्रों के मुताबिक अवैध बंगलादेशियों को पकडऩे के लिए सत्यापन अभियान भी चला रही है। कांग्रेस शासन में इन अवैध प्रवासियों को पैसा लेकर बसाया गया है। स्थानीय पार्षद और छुटभैये नेता भी रायपुर में अवैध बांग्लादेशियों को बसाने के लिए जमकर उगाही किये हैं जिसकी जाँच करने पर सब साफ़ हो जायेगा। 1971 में बांग्लादेश अलग राष्ट्र बनने के बाद से भारत में बांग्लादेशियों का अवैध प्रवेश निरंतर जारी है. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के कारण बड़ी संख्या में हिंदू शरणार्थी पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में बहुतायत में बसे, तो बाद में बांग्लादेशी घुसपैठियों ने भी बड़ी तादात में रोजी को लेकर भारत में घुसने लगे। असम और त्रिपुरा में तो स्थानीय निवासियों ने इन प्रवासियों का जमकर विरोध और कहीं तो हिंसक झडफ भी हो चुकी है। वहां के लोग इन अवैध प्रवासियों पर मूल निवासियों का हक़ मरने का आरोप लगाकर उन्हें वापस भेजने की भी मांग यदाकदा करते रहते हैं। छत्तीसगढ़ में अकेले रायपुर में 15 से 20 हजार के तादात में अवैध बांग्लादेशी निवास कर रहे हैं। रायपुर के भाटागांव, कुशालपुर,शिव कालोनी, अमलीडीह, राजेंद्र नगर न्यू राजेंद्र नगर, लालपुर, संतोषी नगर, पुराना धमतरी रोड में अधिकतर बंगलादेशी नागरिक निवासरत हैं जो कांग्रेस के शासनकाल में बसाये गए हैं। जिन्हे कांग्रेस के पार्षद पैसा लेकर आधार कार्ड , पैन कार्ड और राशन कार्ड भी बनवा दिए हैं। पुलिस सघन जाँच करे तो चौकाने वाले आंकड़े आएंगे। अवैध पाकिस्तानियो ने छत्तीसगढ़ के लोगों को जुआ, सट्टा और नशे के भंवर में उलझा दिया है जिससे वे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं जिससे स्थानीय लोग कंगाल और अवैध पाकिस्तानी करोड़पति बन रहे हैं। मजे की बात ये है कि यह घुसपैठ केवल सीमावर्ती राज्यों या सीमावर्ती इलाकों तक ही सीमित है. ये घुसपैठिए देश के कोने-कोने में फैले हैं. भारत में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियो के पास भारतीय नागरिकता के प्रमाण जैसेपैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड भी होते हैं. विभिन्न बैंकों में अकाउंट होते हैं साथ ही ये देश के विभिन्न हिस्सों में भारतीय नागरिक बनकर काम करते हैं. नागरिकता के प्रमाण के हिसाब की इनकी पहचान करना बहुत ही मुश्किल है.
भारत के लगभग हर बड़े शहर में हैं बांग्लादेशी और पाकिस्तानी जिनकी पहचान है मुश्किल : इसी तरह से महाराष्ट्र के थाणे, कल्याण और मुंबई, केरल, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, गुजरात, आंध्र प्रदेश साथ अन्य प्रदेशों में रह रहे बांग्लदेशियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. देश के पूरे राज्यों के अतिरिक्त कोलकाता के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के बड़े शहरों और गांवों में बहुतायत की संख्या में रहते हैं और आबादी में वह भाषाई समानता के कारण आसानी से यहां के लोगों के साथ मिल जाते हैं चूंकि केंद्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों को नागरिकता देने की घोषणा की है तब से इन अवैध प्रवासियों का मेला लग गया है।
अवैध बंगलादेशी वेश्यावृति में भी लिप्त : बांग्लादेश से आईं कई महिलाएं पैसे कमाने के लिए वेश्यावृत्ति का भी काम करती हैं , कोलकाता के सबसे बड़ी रेड लाइट मंडी में अवैध बंगलादेशी महिलाओं की तादात बहुत ज्यादा है चूंकि इनके पास पश्चिम बंगाल के किसी इलाके का स्थानीय पहचान पत्र होता है. इस कारण उनकी पहचान करना बहुत मुश्किल होता है।
आन डिमांड आने वाली लड़कियों को शहर के धनाड्य लोग कोलकाता से लड़कियों को बुलाते है और अपनी कमाई का जरिया बनाकर यही शिफ्ट कर देते है। उन लड़कियों को पार्षद से बोलकर छुटभैया नेता राशनकार्ड, आधार कार्ड, वोटरकार्ड बनवाकर देते है। छुटभैया नेता फिर उन लड़कियों को चियर्स गर्ल बनाकर जहां भी डिमांड होती है वहां भेज कर पैसा कमाते है। नेताओ्ं से संरक्षण के चलते उनके आने जाने और रूकने के बारे में कोई जांच पड़ताल नहीं होती । ये अवैध बांगलादेशी नेताओ्ं के संरक्षण में अपनी पहचान को आसानी से छुपाए रखते है। छुटभैया नेता इसे फार्म हाऊस से लेकर शादी पार्टी में नचाने के साथ सरकारी फंक्शन में साहब लोगों के दिल बहलाने के लिए भेजा जाता है।
भिलाई पुलिस ने बताया कि शशि के मकान में दो बांगलादेशी लड़कियां अवैध रूप से रूकी हुई थी। पकड़े गए आरोपियों में अभय पिता छोटे लाल शर्मा 30 वर्ष स्थायी पता नौदर थाना मोहरगंज जिला चंदौली यूपी और शशि पति सतीश उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया है।
अवैध बांगलादेशी नागरिकों को के खिलाफ धरपकड़ शुरू होते ही अवैध बांगलादेशी नागरिक अपने आकाओ्ं को ठिकाने में छुपकर बैटे हुए है। मामला शांत होते तक ये सही छुपे रहेंगे और जैसे ही मामला ठंडा होगा फिर अपना जलवा बिखेरना शुरू कर देंगे। इसलिए पुलिस को उनके संपर्को को ट्रेस करके उनके ठिकानों पर दबिश देकर अवैध बांगलादेशी नागरिकों को बाहर करना चाहिए। पुलिस के एक्शन के बाद सैकड़ों छुपे बांगलादेशी नागरिकों का खुलासा हो चुका है। हाल ही में पुलिस ने दुर्ग -भिलाई में बांगलादेशी घुसपैठियों का धरपकड़ तेज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।





