
भूमाफिया और अवैध कब्जा धारियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 11.77 एकड़ भूमि ध्वस्त
अवैध प्लाटिंग की खबरों को लगातार पक्के सबूतों के साथ हमारे अखबार ने प्रकाशित किया जा रहा है, कल के ही समाचार पत्र में काठाडीह में अवैध प्लाटिंग की खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया था जिसे संज्ञान में देते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर की कार्रवाई की
बहुत जल्द गोकुल नगर, बिलाल नगर, चिस्तीया नगर, बोरिया-1, बोरिया-2, साई नगर, रजा सिटी और चौरसिया कालोनी के पीछे भी अवैध प्लाटिंग पर वैधानिक कार्रवाई के साथ अवैध कब्जा हटाओ अभियान शासन कभी भी कर सकता है
2017 के बाद परदेशिया भू-माफिया अपने बाहुबल और जातिसमीकरण के साथ जोरदार तरीके से पूरे प्रदेश के शहरों में अवैध प्लाटिंग का खुला खेल खेल रहे, नाड़ा पैजामा छाप कांग्रेसी नेताओं ने खुलकर परेशिया भू-माफियाओं को संरक्षण देकर अपना हिस्सा सुरक्षित किया, जनता से रिश्ता के पास पूरे प्रदेश में अवैध प्लाटिंग के पर्याप्त सबूत के साथ रजिस्ट्रियों की कापियां भी शिकायतकर्ताओं ने उपलब्ध कराई
रायपुर (जसेरि)। राजधानी में भूमाफिया और अवैध कब्जा धारियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। लगातार कार्रवाई से भूमाफिया बिल्डरों में हडक़ंप मचा हुआ है। अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। रायपुर जिले के ग्राम कांदूल और काठाडीह में राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 11.77 एकड़ अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। ग्राम कांदूल में दो अलग-अलग स्थानों पर लगभग 5-5 एकड़ भूमि पर चल रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। राजस्व टीम ने यहां मुरूम रोड काटी और पिलर तोडक़र सभी अवैध निर्माण हटाए। ग्राम काठाडीह में 1.77 एकड़ भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर भी सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार की गई, जिसमें एसडीएम नंद कुमार चौबे के नेतृत्व में अतिरिक्त तहसीलदार राकेश देवांगन और उनकी राजस्व टीम ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान रायपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कई स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जमीन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना और अवैध कब्जों को रोकना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह से कानून के दायरे में रही और किसी भी निर्माण को हटाने से पहले उचित नोटिस और कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। प्रशासन ने यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया जिसमें स्थानीय लोगों ने अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण से परेशान होने की जानकारी दी थी। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सभी के लिए संदेश है कि भूमि अतिक्रमण और अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि प्रशासन ने जमीन की अवैध प्लॉटिंग पर लगातार नजर बनाए रखी है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि वे किसी भी तरह के अवैध कब्जों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
प्रभावित क्षेत्रों में जमीन का संरक्षण : अधिकारियों के अनुसार, ग्राम कांदूल और काठाडीह में की गई कार्रवाई के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमीन का संरक्षण सुनिश्चित हुआ है और भविष्य में अवैध निर्माण की संभावना को भी कम किया गया है। बुलडोजर से हटाए गए पिलर और मुरूम रोड को हटाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में लौटाया गया। इस कार्रवाई से न केवल भूमि संरक्षण को मजबूती मिली है बल्कि यह भी दर्शाया गया कि प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सख्त है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह कदम भूमि और अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। राजस्व विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि आगे भी रायपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की ठोस कार्रवाई से भूमि के उचित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और कानून का पालन सुनिश्चित होगा।





