
रायपुर। जनता से रिश्ता के पाठक रोशन साहू 'मोखला'(राजनांदगांव) ने प्लेन क्रैश पर पंक्ति ई मेल किया है,
जईसन घटना नइ घटना चाही, तइसन घट जाथे।
जिंकर उपर बीते हावय,सोंच के छाती फट जाथे।।
जावत रिहिन दाई-ददा कर,कोनो अपन बेटा कर।
काल के पंजा बड़ निरदईया, छिन म झपट जाथे।।
देखिस न बिहाव बहिनी,भैया उठा पाइस न डोला।
छिन मा सबो सपना जरगे,हाय रे आगी के गोला।।
चिन्हा दिखे न चिन्हारी, जरगे तन कोयला कारी।
दो सौ चालीस मा रे मयारू, कइसे खोजंव तोला।।
मना-मनाके देंवता धामी, भाग ले तोला पाये रहेंव।
धोवागे रे माथ के लाली,पाँव माहुर लगाये रहेंव।।
चिटिक आँखी खोल ना,मन के बात अब बोल ना।
लंदन एयरपोर्ट मा ठाढ़े,मंय तोला लेहे आये रहेंव।।
रोना ल परगे देख रोवई,रोवा राइ अड़बड़ करलाई।
धुँधरा परगे आँखी मा, रोये तो नइ आवय रोवई।।
हे नाजुक डोरी साँसा ,फेर अईसन झन टूटे साँसा।
डी एन ए टेस्ट ले मुखा दरसन, हे कईसन विदाई।।





