
x
छग
Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के कृषिमंत्री राम विचार नेताम ने आज महासमुंद जिले के ग्राम छपोराडीह (सिरपुर) में आयोजित कृषि संकल्प अभियान (कृषि चौपाल) के अंतर्गत सैकड़ों किसानों से आत्मीय संवाद किया। यह आयोजन कृषि विभाग द्वारा किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, योजनाओं और नवाचारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम की शुरुआत कृषि रथ के आगमन के साथ हुई, जिसमें वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की टीम ने किसानों को आधुनिक खेती की विधियों, फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उपायों तथा जैविक और टिकाऊ खेती से जुड़े सुझावों की जानकारी दी। किसानों को फसलों की समयानुकूल देखभाल, कीट एवं रोग नियंत्रण के प्रभावी उपायों तथा जल संरक्षण के उन्नत तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सशक्त किसान, सशक्त भारत का आधार 🇮🇳
— Ramvichar Netam (@RamvicharNetam) May 31, 2025
आज ग्राम छपोराडीह (सिरपुर), जिला महासमुंद में विकसित कृषि संकल्प अभियान (कृषि चौपाल) के अंतर्गत हमारे मेहनती किसान भाइयों से आत्मीय संवाद किया।
इस अवसर पर कृषि रथ के माध्यम से वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी, समस्याओं के… pic.twitter.com/Bg6P2EnfDK
कृषिमंत्री नेताम ने चौपाल में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के "समृद्ध किसान - समृद्ध राष्ट्र" के विजन को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने किसानों से कहा कि कृषि केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार आधारित भविष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युग में जो किसान तकनीकी रूप से सशक्त होगा, वही आत्मनिर्भर बन पाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी। जैसे कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, और राज्य सरकार की सिंचाई सुविधा बढ़ाने की पहलें। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और अपने खेतों में उन्नत तकनीकों को अपनाने की अपील की। कृषिमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है।
इसके लिए कृषि से जुड़े सहयोगी क्षेत्रों जैसे पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और प्रोसेसिंग यूनिट्स को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे कृषि को एक उद्यम के रूप में देखें और नवाचारों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करें। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और समस्याओं को सामने रखते हुए समाधान की मांग की। कृषि वैज्ञानिकों ने उनके सवालों के जवाब देकर उन्हें संतुष्ट किया। अंत में कृषिमंत्री नेताम ने कहा, "ग्राम स्तर पर कृषि चौपाल जैसे आयोजनों के माध्यम से हमें किसानों की वास्तविक ज़रूरतों को समझने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने का अवसर मिलता है। यही संवाद हमारे कृषि विकास के लक्ष्य को और मजबूत करता है।" इस आयोजन ने न केवल किसानों को तकनीकी रूप से जागरूक किया, बल्कि उन्हें आत्मबल और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रेरित किया। ऐसी पहलें ग्रामीण भारत को सशक्त और कृषि को समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेChhattisgarh news in hindiChhattisgarh newsChhattisgarh latest newsChhattisgarh news updateChhattisgarh Hindi news todayजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





