छत्तीसगढ़

हॉस्टल में न अधीक्षक न भोजन, 40 में से 38 छात्राओं ने छोड़ा छात्रावास

Shantanu Roy
7 Sept 2026 12:36 PM IST
हॉस्टल में न अधीक्षक न भोजन, 40 में से 38 छात्राओं ने छोड़ा छात्रावास
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Manpur-Mohla. मानपुर-मोहला। मानपुर ब्लॉक के वनांचल और सीमावर्ती क्षेत्र नवागांव स्थित शासकीय प्री कन्या छात्रावास में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि छात्रावास की अधीक्षक बिना पूर्व सूचना दिए और वैकल्पिक व्यवस्था किए अपनी ड्यूटी से गायब हो गईं। अधीक्षक के अचानक चले जाने से रविवार शाम छात्रावास की पूरी व्यवस्था चरमरा गई। हालात ऐसे बने कि छात्राओं के लिए भोजन तक तैयार नहीं हो सका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। जानकारी के मुताबिक नवागांव के शासकीय प्री कन्या छात्रावास में कुल 40 बालिकाएं नामांकित हैं। रविवार को अधीक्षक के छात्रावास में मौजूद नहीं रहने के कारण शाम को रसोई व्यवस्था प्रभावित हो गई।

आरोप है कि छात्राओं के लिए शाम के भोजन का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। छात्रावास में जिम्मेदार अधिकारी के नहीं होने और व्यवस्थाएं बिगड़ने से छात्राओं तथा उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद परिजन छात्रावास पहुंचने लगे। देर शाम तक 40 में से 38 छात्राएं अपने परिजनों के साथ घर लौट गईं। छात्रावास में केवल दो बच्चियां ही रह गईं। बताया जा रहा है कि इनमें कई छात्राएं 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित गांवों से यहां रहकर पढ़ाई करती हैं। ऐसे में छात्रावास की व्यवस्था अचानक ठप होने से उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शिक्षा मंत्री के दौरे से एक दिन पहले सामने आया मामला
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सोमवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का जिले में प्रथम आधिकारिक आगमन प्रस्तावित है। शिक्षा मंत्री के दौरे से ठीक एक दिन पहले सरकारी कन्या छात्रावास की अव्यवस्था सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार की ओर से छात्राओं की शिक्षा, पोषण और सुरक्षा को लेकर विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद वनांचल क्षेत्र के छात्रावास में भोजन और जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी जैसी बुनियादी व्यवस्था प्रभावित होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

छात्रावास के बाहर जुटे ग्रामीण और पालक
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पालक और जनप्रतिनिधि छात्रावास परिसर पहुंच गए। लोगों ने छात्रावास की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। स्थानीय निवासी हेमंत कुमार मेश्राम ने बताया कि शाम को जब वे छात्रावास के आसपास पहुंचे तो बच्चियां अपने माता-पिता के साथ घर लौटती दिखाई दीं। कर्मचारियों से जानकारी लेने पर पता चला कि अधीक्षक छात्रावास में मौजूद नहीं हैं। उनका दावा है कि अधीक्षक अपना सामान लेकर चली गई हैं। उन्होंने बताया कि छात्रावास की 40 में से 38 बच्चियां घर लौट चुकी हैं और केवल दो बच्चियां वहां बची हैं।

स्थायी अधीक्षक नियुक्त करने की मांग
स्थानीय ग्रामीण कृष्णा मोहुरले ने भी छात्रावास में अधीक्षक के मौजूद नहीं होने और भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही। उनका कहना है कि दूरदराज और गरीब परिवारों की बच्चियां यहां रहकर पढ़ाई करती हैं। कई छात्राएं 10 से 15 किलोमीटर दूर से आती हैं, इसलिए छात्रावास की व्यवस्था सुचारू रहना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर भी इस मामले को उठाने की बात कही है। उनकी मांग है कि छात्रावास में तत्काल स्थायी अधीक्षक की नियुक्ति की जाए और भोजन, सुरक्षा सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए। साथ ही अधीक्षक के अचानक अनुपस्थित होने की परिस्थितियों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठ रही है।
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