छत्तीसगढ़
सीतापुर में नाबालिग से मारपीट और अश्लील हरकत, तीन गिरफ्तार
Shantanu Roy
29 Sept 2026 6:14 PM IST

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छग
Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ मारपीट, कपड़े उतरवाने, अश्लील हरकत करने और वीडियो बनाकर धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। बाद में परिजनों की लिखित आपत्ति और स्थानीय विरोध के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अंबिकापुर कोर्ट में पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार नाबालिग के पिता ने सीतापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 23 सितंबर की शाम करीब 6 बजे समर रेहान नामक युवक ने उनके बेटे को फोन कर कॉलेज के पास बुलाया था। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने नाबालिग को वीडियो दिखाने का बहाना बनाकर वहां बुलाया। नाबालिग जब बताए गए स्थान पर पहुंचा तो वहां समर रेहान अपने दो अन्य साथियों के साथ मौजूद था। आरोप है कि तीनों युवकों ने पहले उसके साथ मारपीट की और इसके बाद जबरन उसके कपड़े उतरवा दिए। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकत भी की।
परिजनों की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि युवकों ने नाबालिग को नपुंसक बनाने की धमकी दी। इस दौरान आरोपियों ने उसका वीडियो भी बना लिया और किसी को घटना की जानकारी देने या पुलिस में शिकायत करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद नाबालिग देर शाम अपने घर पहुंचा, लेकिन डर और धमकी के कारण उसने तत्काल परिजनों को कुछ नहीं बताया।
परिजनों के मुताबिक घटना के बाद नाबालिग मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था। उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए और वह दर्द की शिकायत कर रहा था। परिवार ने जब लगातार उससे पूछताछ की तो कुछ दिनों बाद उसने पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद नाबालिग के पिता सीतापुर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(2), 3(5) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 11 और 12 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को थाने बुलाया और चेकलिस्ट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाए जाने के बावजूद आरोपियों को छोड़े जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में नाराजगी बढ़ गई। बताया जा रहा है कि लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन और थाना घेराव की चेतावनी दी। इसके बाद थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने परिजनों से लिखित आपत्ति मांगी। परिजनों की ओर से लिखित आपत्ति दिए जाने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को अंबिकापुर कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना में बनाए गए कथित वीडियो, आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस पीड़ित नाबालिग और उसके परिजनों के बयान के आधार पर आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और कथित वीडियो को कहीं साझा या प्रसारित तो नहीं किया गया। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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