छत्तीसगढ़
सागौन तस्करी पर वन विकास निगम की कार्रवाई, तस्कर लट्ठे छोड़कर हुए फरार
Shantanu Roy
30 Jan 2026 6:21 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। जिले में इमारती लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ वन विकास निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार रात सर्चिंग और पेट्रोलिंग पर निकली वन विकास निगम की टीम को देखकर सागौन तस्कर मौके से फरार हो गए। तस्कर अपने साथ लाई गई साइकिल और सागौन के लट्ठे जंगल में ही छोड़कर भाग निकले। इस कार्रवाई ने कोटा वन परिक्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध सागौन कटाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
मामला बिलासपुर जिले के कोटा वन परिक्षेत्र का है, जहां वन विकास निगम के कोटा परियोजना मंडल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सागौन लकड़ी की कटाई की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जानकारी के अनुसार, तस्कर जंगल के अंदर घुसकर हरे-भरे सागौन के पेड़ों को काटते हैं और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर लकड़ी की तस्करी करते हैं। इस अवैध गतिविधि से शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं जंगलों का तेजी से दोहन भी हो रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा और क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह ने मैदानी अमले को रात में गश्त और पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए थे।
अफसरों के निर्देश पर बुधवार रात वन विकास निगम का मैदानी अमला सक्रिय हुआ और संदिग्ध इलाकों में सर्चिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान कोटा परिक्षेत्र के आरएफ 129 क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही टीम को साइकिल सवार कुछ लोग जंगल से बाहर निकलते नजर आए। साइकिल पर सागौन लकड़ी के लट्ठे लदे हुए थे। टीम ने जब उन्हें रोकने के लिए आवाज लगाई, तो तस्कर घबरा गए और साइकिल व लकड़ी मौके पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल में फरार हो गए। टीम ने मौके से चार साइकिल और 11 नग सागौन के लट्ठे बरामद किए। जब्त सागौन लकड़ी को प्रकरण दर्ज कर प्रोजेक्ट डिपो कोटा भेज दिया गया है। वन विभाग द्वारा अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस पूरे मामले में एक अहम पहलू यह भी सामने आ रहा है कि जंगल में लगातार हो रही इमारती लकड़ी की तस्करी में वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है, तो कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वन विकास निगम के अधिकारियों ने मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि गश्त और पेट्रोलिंग को और सख्त किया जाए तथा तस्करी में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि जंगल और वन संपदा की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी।
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