छत्तीसगढ़

कलेक्टर अजीत वसंत की स्वास्थ्य समीक्षा बैठक, चिकित्सक कार्यालयीन समय में मौजूद रहें

Shantanu Roy
7 Feb 2026 8:32 PM IST
कलेक्टर अजीत वसंत की स्वास्थ्य समीक्षा बैठक, चिकित्सक कार्यालयीन समय में मौजूद रहें
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Ambikapur. अंबिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत ने शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, योजनाओं की समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी.एस. मार्को, राष्ट्रीय कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, बीएमओ, डीपीएम, बीपीएम और सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

संस्थागत प्रसव और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी
कलेक्टर वसंत ने बैठक में कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए और गृह प्रसव को शून्य करने का लक्ष्य रखा जाए। मितानीन को लगातार गृह भेंट कर मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए और उन्हें उच्च संस्थाओं में रिफर कर सुरक्षित प्रसव कराया जाए। सामान्य गर्भवती महिलाओं के लिए भी नियमित जांच, आवश्यक दवाइयां, टीकाकरण और पोषण आहार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।

चिकित्सकों की उपस्थिति और कार्रवाई
कलेक्टर वसंत ने कहा कि शासकीय चिकित्सक कार्यालयीन समय में चिकित्सालय में उपस्थित रहें ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति अनिवार्य करने और निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
बैठक में रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि जहां चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो और परीक्षा के दिन ही परिणाम जारी किया जाए। समान योग्यता वाले पदों के लिए एक ही परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य केंद्र भवन और उपकरणों की उपलब्धता
कलेक्टर ने भवन विहीन स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी ली और कहा कि आवश्यक कार्रवाई के लिए सूची तैयार की जाए। जिन केंद्रों में भवन है, लेकिन स्टाफ की कमी है, वहां 7 दिन के भीतर मांग प्रेषित की जाए। चिकित्सकीय उपकरण और जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

फाइलेरिया मुक्ति अभियान
कलेक्टर ने फाइलेरिया मुक्ति अभियान की समीक्षा की और कहा कि 10 से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा वितरित की जाए। 13 से 22 फरवरी तक गृह भेंट के माध्यम से समुदाय स्तर पर दवा दी जाए, और 23 से 25 फरवरी मॉप-अप राउंड में शेष लाभार्थियों को दवा खिलाई जाए। जनजागरूकता और कलेक्टरेट में बूथ लगाकर दवा वितरण की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड निर्माण, टीबी मरीजों की फॉलोअप, मरीजों को प्राइवेट अस्पताल रेफर करने की शिकायतों पर रोक, नर्सिंग होम व्यवस्था सुदृढ़ करने और अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की दिशा में निर्देश दिए। पोषण पुनर्वास केंद्रों में गम्भीर कुपोषित बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। कुष्ठ उन्मूलन, मलेरिया नियंत्रण, अंधत्व निवारण, तम्बाकू नियंत्रण, एनीमिया मुक्त भारत और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी या देरी न होने दें। सभी कार्यक्रमों और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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