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Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर हाथियों का उत्पात ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। मरवाही जिले के कोटमी खुर्द जंगल में हाथी के हमले से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सरगुजा जिले के उदयपुर वन परीक्षेत्र में 12 हाथियों के झुंड के पहुंचने से दहशत का माहौल बन गया है। इन घटनाओं से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है और फसल तथा घरों को हुए नुकसान से स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
युवक पर हाथी का हमला
मरवाही के कोटमी खुर्द जंगल में मोहर सिंह नामक युवक पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके पैर की हड्डी टूट गई और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरी चोटें आईं। ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल युवक को जिला अस्पताल गौरेला पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के मुताबिक उसकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल से एक हाथी मरवाही वनमंडल की सीमा में घूम रहा है। इसी हाथी के हमले की वजह से मोहर सिंह घायल हुआ है।
सरगुजा में 12 हाथियों का झुंड
इधर, सरगुजा जिले के उदयपुर वन परीक्षेत्र में 12 हाथियों का झुंड पहुंच गया है। हाथियों ने यहां कई घरों को नुकसान पहुंचाया और खेतों में लगी फसलों को रौंद डाला। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों की मौजूदगी से पूरा इलाका भयभीत है। कई गांवों के लोग रातें जंगल से दूर सुरक्षित स्थानों पर गुजारने को मजबूर हो गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में ही आवाजाही करने की सलाह दी गई है। साथ ही फसल और घरों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा संबंधित कार्यवाही शुरू की गई है।
हाथियों से बढ़ रही चिंता
बीते कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ में हाथियों के लगातार बढ़ते मूवमेंट से मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। मरवाही, सरगुजा, जशपुर और रायगढ़ जिलों में हाथियों का आना-जाना अब आम हो गया है। आए दिन फसलों की बर्बादी, घरों को नुकसान और कभी-कभी लोगों की जान जाने जैसी घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और वन विभाग को हाथियों की निगरानी के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अगर समय रहते पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। वन विभाग ने बताया कि हाथियों को जंगल की ओर वापस ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथियों को देखकर उत्तेजित न हों और विभाग को तुरंत सूचना दें।
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