छत्तीसगढ़

BIG BREAKING: चाईबासा में साथी के साथ छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली हिडिमा गिरफ्तार

Shantanu Roy
31 Aug 2025 8:17 PM IST
BIG BREAKING: चाईबासा में साथी के साथ छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली हिडिमा गिरफ्तार
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Raipur/Chaibasa. रायपुर/चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने रविवार को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की। सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के कुख्यात माओवादी कमांडर संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम और माओवादी एरिया कमेटी सदस्य शिवा बोदरा उर्फ शिबु को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चाईबासा जिले के जराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडा जंगल में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हुई। चाईबासा के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एएसपी पारस राणा के नेतृत्व में पुलिस बल और कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। जंगल से दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
गिरफ्तारी के दौरान नक्सलियों के पास से एक पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, दो वॉकी-टॉकी, डेटोनेटर और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि ये दोनों नक्सली लंबे समय से सारंडा और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय थे और इन पर 35 से अधिक नक्सली मामले दर्ज हैं।
छत्तीसगढ़ का कुख्यात माओवादी कमांडर
गिरफ्तार संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बीजापुर का निवासी है। वह पिछले दस वर्षों से झारखंड में सक्रिय था और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए लगातार आईईडी का इस्तेमाल करता रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हिडिमा पर हत्या, पुलिस पार्टी पर हमला, विस्फोटक अधिनियम और यूएपीए समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
दूसरा नक्सली बड़े मामलों में शामिल
दूसरा गिरफ्तार नक्सली शिवा बोदरा उर्फ शिबु कुचाई (जिला- सरायकेला) का निवासी है। पुलिस ने बताया कि शिवा दो माह पूर्व ओडिशा के राउरकेला जिले में हुए विस्फोटक लूटकांड में भी शामिल था। उसके खिलाफ गोईलकेरा, सोनुवा, गुवा और जराईकेला थानों में कुल नौ गंभीर नक्सली मामले दर्ज हैं।
महिला नक्सलियों के शोषण का खुलासा
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दोनों नक्सलियों ने संगठन के भीतर हो रहे महिला सदस्यों के शोषण का चौंकाने वाला खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ रमेश महिला दस्ते की सदस्यों का शारीरिक शोषण करता है। इतना ही नहीं, वह कई महिला नक्सलियों का जबरन गर्भपात भी करवा चुका है। यह खुलासा नक्सल संगठन की कथित ‘समानता और न्याय’ की विचारधारा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बड़ी वारदात की थी योजना
पुलिस को सूचना मिली थी कि शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया और अश्विन अपने दस्ते के साथ सारंडा क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे। इसी की पुष्टि के लिए रविवार सुबह सुरक्षा बलों ने अभियान छेड़ा। इस दौरान संदीप और शिवा पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
एसपी राकेश रंजन ने बताया कि संदीप और शिवा दोनों लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए सिरदर्द बने हुए थे। इनकी गिरफ्तारी से निश्चित ही सारंडा और आसपास के इलाकों में नक्सल गतिविधियों को करारा झटका लगेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर नक्सली संगठन की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ और झारखंड का कनेक्शन
नक्सली संदीप का छत्तीसगढ़ से जुड़ाव इस बात की ओर इशारा करता है कि माओवादी संगठन राज्य सीमाओं के पार एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। बीजापुर से ताल्लुक रखने वाला संदीप झारखंड में सक्रिय था, वहीं उसका सहयोगी शिवा झारखंड-ओडिशा की गतिविधियों में शामिल रहा। इससे स्पष्ट है कि माओवादी संगठन कई राज्यों में नेटवर्क बनाकर काम कर रहे हैं।
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