छत्तीसगढ़

कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने हिंदी पत्रकारिता और भारतीयता पर गोष्ठी में हिस्सा लिया

Shantanu Roy
21 Sept 2025 10:52 PM IST
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने हिंदी पत्रकारिता और भारतीयता पर गोष्ठी में हिस्सा लिया
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Bhilai. भिलाई। कला और साहित्य प्रेमियों के लिए भिलाई का कला मंदिर एक बार फिर ज्ञान और विचारों का केंद्र बन गया। कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने भिलाई प्रवास के दौरान यहाँ आयोजित भारतबोध, भारतीयता और हिंदी पत्रकारिता विषयक वैचारिक गोष्ठी में भाग लेकर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। इस आयोजन में हिंदी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उसकी विश्वसनीयता, तथा विकासपरक खबरों की भूमिका पर गहन विमर्श किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य भारतीयता के मूल्यों और
पत्रकारिता
में नैतिकता एवं जिम्मेदारी पर बल देना था। मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की डिजिटल और सोशल मीडिया युग में पत्रकारिता की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पत्रकारों और प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे समाज में सकारात्मक और विकासपरक खबरों का प्रसार करें और देशवासियों को सही जानकारी पहुँचाने में अपनी भूमिका निभाएँ।

इस अवसर पर कृति बहुमत और कृति वसुंधरा पत्रिकाओं का भी विमोचन किया गया, जो साहित्यिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इन पत्रिकाओं के माध्यम से युवा और अनुभवी लेखक अपने विचारों और लेखन को साझा कर सकते हैं। आयोजकों ने बताया कि ये पत्रिकाएँ भारतीय संस्कृति और पत्रकारिता के समग्र विकास में योगदान देंगी। गोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित वक्ता और समाजसेवी उपस्थित रहे। इसमें शामिल थे: वक्ता अनंत विजय, शशांक शर्मा, डॉ. संजय द्विवेदी, पत्रकार डॉ. विसवेश ठाकरे, अमित श्रीवास्तव, विनोद मिश्र, डॉ. डी. एन. शर्मा, बीएसपी ऑफिसर एसोसिएशन अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर, समाजसेवी इंद्रजीत सिंह, समाजसेवी गोपाल बिस्ट, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, स्वेता उपाध्यक्ष, सुमन कन्नौजिया।

इस आयोजन में पत्रकारगण और प्रबुद्धजन भी शामिल हुए, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता के भविष्य और उसके सामाजिक दायित्वों पर चर्चा की। मंत्री गजेंद्र यादव ने विशेष रूप से यह बात कही कि पत्रकारिता केवल खबरें प्रकाशित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में नैतिकता, सामाजिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक शक्तिशाली साधन है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारतीयता और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को समझें और इन्हें अपने कार्यों और लेखन में आत्मसात करें। इस अवसर पर उपस्थित समाजसेवी और प्रबुद्धजन भी अपने अनुभव साझा करते हुए बोले कि मीडिया और पत्रकारिता समाज के चौथे स्तंभ के रूप में लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को और अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
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