छत्तीसगढ़

दुर्ग रेंज में नशे के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में 200 से अधिक आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
16 Sept 2025 11:46 PM IST
दुर्ग रेंज में नशे के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में 200 से अधिक आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। दुर्ग रेंज पुलिस ने नशे के कारोबार और उससे जुड़े अपराधों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी की है। ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों में एक साथ 250 से अधिक स्थानों पर दबिश दी गई। इस अभियान में पुलिस ने 200 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में नशीला सामान जब्त किया। पुलिस अधिकारियों ने इसे नशे के खिलाफ एक निर्णायक पहल बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई युवाओं को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने और अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
तीनों जिलों में समानांतर कार्रवाई
पुलिस ने इस अभियान के लिए 80 से अधिक विशेष टीमों का गठन किया। इनमें करीब 500 जवान शामिल थे, जिन्होंने समन्वय के साथ एक साथ तीन जिलों में दबिश दी। अभियान का उद्देश्य छोटे-छोटे नेटवर्क तोड़ना, मोहल्लों में अवैध कारोबार रोकना और नशे से जुड़े अपराधों को जड़ से समाप्त करना है।
दुर्ग जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई
इस अभियान में सबसे बड़ी कार्रवाई दुर्ग जिले में हुई। पुलिस ने 160 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 16 मामलों में एनडीपीएस एक्ट और 23 मामलों में आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा 89 आरोपियों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में पकड़ा गया। पुलिस ने कहा कि यह अभियान जिले में नशे की जड़ें काटने की दिशा में बड़ा कदम है।
बालोद जिले में छापेमारी
बालोद जिले में पुलिस ने करीब 50 स्थानों पर दबिश दी। यहां से 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 4 को एनडीपीएस एक्ट, 4 को आबकारी एक्ट और 23 आरोपियों को अन्य प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि यहां कई जगहों पर अवैध शराब और नशीली गोलियों का कारोबार चल रहा था।
बेमेतरा जिले में कार्रवाई
बेमेतरा जिले में 60 स्थानों पर छापेमारी कर पुलिस ने 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें कई पुराने आदतन अपराधी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी और इस अभियान से कई नेटवर्क टूटे हैं।
जब्त सामान की मात्रा
पूरे अभियान में पुलिस ने 26 किलो गांजा जब्त किया। इसके अलावा 126 लीटर अवैध शराब, नशीली टैबलेट और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब्त सामान का बाजार मूल्य लाखों रुपए है। यह नेटवर्क न केवल बड़े स्तर पर सक्रिय था, बल्कि छोटे-छोटे क्षेत्रों में भी युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा था।
अपराध बढ़ने की पृष्ठभूमि
आईजी गर्ग ने प्रेस वार्ता में बताया कि दुर्ग रेंज में नशे के कारण अपराधों में तेजी आई है। विशेष रूप से गांजा, अवैध शराब और नशीली दवाओं ने युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। नशे के कारण चोरी, मारपीट, लूट जैसे अपराध बढ़ रहे थे। इस अभियान का उद्देश्य इन अपराधों को रोकना और युवाओं को सही रास्ते पर लाना है।
आगे की योजना
आईजी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। नशे का कारोबार करने वालों की लिस्ट पहले से तैयार की जा रही थी। अब उन पर लगातार कार्रवाई होगी। हर मोहल्ले और गली में निगरानी बढ़ाई जाएगी। पुलिस का लक्ष्य है कि नशे का कारोबार पूरी तरह से खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान से जुड़े कई मामलों की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों में स्वागत
इस अभियान के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने और अपराधों में कमी लाने के लिए प्रशासन की पहल की सराहना की जा रही है। मोहल्लों में लोग पुलिस की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की बात कर रहे हैं।
पुलिस का संदेश
आईजी गर्ग ने कहा, “यह अभियान केवल अपराधियों के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा के लिए है। नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है। हम इसे जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाएंगे। हर नागरिक का सहयोग आवश्यक है। नशे के खिलाफ आवाज उठाना और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देना हमारी प्राथमिकता है।” यह अभियान न केवल दुर्ग रेंज में अपराध पर नियंत्रण का प्रयास है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस की यह पहल आगे भी निरंतर जारी रहेगी ताकि नशे का कारोबार पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।
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