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हाई-प्रोफाइल ड्रग्स केस: नव्या मलिक और विधि अग्रवाल कोर्ट ने भेजा जेल

Shantanu Roy
16 Sept 2025 6:02 PM IST
हाई-प्रोफाइल ड्रग्स केस: नव्या मलिक और विधि अग्रवाल कोर्ट ने भेजा जेल
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के बाद हाई-प्रोफाइल मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है। पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन और दिल्ली से मंगाई गई एमडीएमए जैसी घातक ड्रग्स की सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और उसकी करीबी सहयोगी विधि अग्रवाल को सोमवार को विशेष एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।


कोर्ट में पेशी और सुरक्षा इंतजाम
नव्या मलिक और विधि अग्रवाल को रायपुर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पेशी के दौरान नव्या मलिक ने अपना चेहरा ढक लिया और मीडिया से दूरी बनाए रखी।
इसी केस से जुड़े आरोपियों ऋषि राज टंडन, मोनू बिश्नोई और हर्ष आहूजा को भी अदालत में पेश किया गया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दिलचस्प बात यह रही कि पुलिस ने इस बार किसी भी आरोपी के खिलाफ रिमांड की मांग नहीं की। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को अब तक की पूछताछ में कई अहम सबूत मिल चुके हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
हाई-प्रोफाइल कनेक्शन की जांच
इस केस ने रायपुर के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में हलचल मचा दी है। जांच में सामने आया है कि करीब 850 से अधिक रईसजादे इस ड्रग्स नेटवर्क के संपर्क में थे। इनमें होटल कारोबारियों, उद्योगपतियों और कुछ राजनेताओं के बेटों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस इन सबकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और जल्द ही कई बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन न सिर्फ रायपुर बल्कि कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ था। ड्रग्स की सप्लाई का तरीका बेहद संगठित और गुप्त रखा गया था। पाकिस्तान से हेरोइन की खेप लाई जाती थी जबकि दिल्ली से एमडीएमए और अन्य नशे के पदार्थ ऑर्डर किए जाते थे। इनकी सप्लाई पार्टियों, पब्स और हाई-प्रोफाइल आयोजनों में होती थी।
पुलिस की रणनीति और आगे की कार्रवाई
रायपुर पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने इस पूरे मामले में संयुक्त रूप से कार्रवाई की। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल चैट्स और बैंकिंग लेन-देन के सबूत बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने ऑनलाइन माध्यम से भी ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया था।
विशेष एनडीपीएस कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक हुई पूछताछ से पर्याप्त सामग्री मिल चुकी है, जिसकी मदद से आरोपियों पर मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। आने वाले दिनों में पुलिस बड़े खरीदारों और सप्लायरों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
रायपुर में दहशत और चर्चाएं
इस हाई-प्रोफाइल केस ने आम नागरिकों से लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों तक हलचल पैदा कर दी है। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स का नेटवर्क कैसे लंबे समय तक सक्रिय रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि शहर को ड्रग्स के इस जाल से बाहर निकाला जा सके।
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