छत्तीसगढ़

महर्षि चरक की नयनाभिराम प्रतिमा का निर्माण अंकुश ने किया

Nilmani Pal
25 May 2025 11:13 AM IST
महर्षि चरक की नयनाभिराम प्रतिमा का निर्माण अंकुश ने किया
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भिलाई। सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डा. अंकुश देवांगन ने आयुर्वेद विशारद महर्षि चरक की नयनाभिराम प्रतिमा का निर्माण किया है। यह छत्तीसगढ़ राज्य में महर्षि चरक की प्रथम मूर्ति है। जिसके लिए प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस.विद्यार्थी, बी.एल.सोनी, विजय शर्मा, मोहन बराल, समाजसेवी विमान भट्टाचार्य, पी.वाल्सन, प्रवीण कालमेघ, मीना देवांगन और साहित्यकार मेनका वर्मा ने उन्हें बधाई दी है।

ज्ञात हो कि मूर्तिकार अंकुश देवांगन भारतीय मूर्तिकला जगत में हिन्दुस्तान के प्राचीनतम् और महानतम् विभूतियों की हूबहू प्रतिमा बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसी कड़ी में महर्षि चरक की उन्होंने आदमकद प्रतिमा बनाई है। महर्षि चरक आधुनिक आयुर्वेद की स्थापना करने वाले महान संत माने जाते हैं। उन्होंने ही सर्वप्रथम शरीर के महत्वपूर्ण व्याधियों वात, पीत, कफ की खोज की थी।

वे आयुर्वेद के आधार ग्रंथ चरक संहिता के रचयिता थे। जिसमें उन्होंने सोना, चांदी, लोहा, पारा जैसे तत्वों से रोगों को दूर करने का अचूक सिद्धांत खोजा था। इसा से भी 200 साल पहले उन्होंने आयुर्वेद के गूढ़ रहस्यों को प्रतिपादित किया जो आज भी प्रासंगिक है। भारत में तत्कालीन दुनिया के श्रेष्ठ विश्वविद्यालय तक्षशिला से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की, कुषाण राज्य के राजवैद्य बने और ताजीवन शोध कार्यों को अंजाम दिया। आठवीं शताब्दी में उनके लिखे अद्वितीय ग्रंथ चरक संहिता का अरबी भाषा में अनुवाद हुआ। तत्पश्चात् पूरी दुनिया में यह भारतीय चिकित्सा पद्धति के रूप में प्रसिद्ध हुई। आज भी ऐलोपैथी के दुष्परिणामों से पीड़ित मानवता आयुर्वेद की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।

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