छत्तीसगढ़
पत्रकारिता की आड़ में वसूली-ब्लैकमेलिंग के आरोप, प्रेस क्लब ने खोला मोर्चा
Shantanu Roy
11 Sept 2026 6:15 PM IST

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Mungeli. मुंगेली। पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से अवैध वसूली, दबाव बनाने और ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुंगेली प्रेस क्लब ने मोर्चा खोल दिया है। प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तीन अलग-अलग ज्ञापन सौंपे हैं। इसमें पत्रकारों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता निर्धारित करने से लेकर जनसंपर्क विभाग की पत्रकार सूची के सत्यापन और कथित ब्लैकमेलिंग के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
मुंगेली प्रेस क्लब अध्यक्ष अनिल सोनी के संयोजन में पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मिला। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की पहचान का इस्तेमाल कथित रूप से दबाव बनाने, अवैध वसूली या दूसरे अनुचित कार्यों के लिए करता है तो इससे पूरे पत्रकारिता जगत की छवि प्रभावित होती है। प्रतिनिधिमंडल ने पहला ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी को सौंपा। इसमें पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता निर्धारित करने की मांग उठाई गई है।
प्रेस क्लब का कहना है कि वर्तमान समय में पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ने के लिए स्पष्ट न्यूनतम योग्यता और समान सत्यापन व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बार ऐसे लोग भी मीडिया की पहचान के साथ सक्रिय हो जाते हैं, जिनकी कार्यप्रणाली से पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित होती है। इसलिए इस दिशा में स्पष्ट व्यवस्था तैयार किए जाने की जरूरत है। दूसरा ज्ञापन भी एडीएम को सौंपा गया। इसमें जनसंपर्क विभाग की पत्रकार सूची में शामिल लोगों का सत्यापन कराने और पुलिस वेरिफिकेशन की व्यवस्था की मांग की गई है। प्रेस क्लब ने पत्रकारों से संबंधित सूची और उनकी पहचान की जांच के लिए प्रभावी प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता बताई है।
तीसरा ज्ञापन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम एडिशनल एसपी प्रशांत शुक्ला को सौंपा गया। इसमें कुछ तथाकथित पत्रकारों पर जिले के पत्रकारों और अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर आधारहीन आरोप लगाने, उनकी छवि खराब करने, दबाव बनाने और ब्लैकमेलिंग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। प्रेस क्लब ने मांग की है कि ज्ञापन में बताए गए मामलों और आरोपों की पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच करे। जांच के दौरान सभी पक्षों को सुना जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं। यदि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
प्रेस क्लब की इस पहल के साथ पत्रकारिता की विश्वसनीयता और मीडिया की पहचान के कथित दुरुपयोग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पत्रकारों का कहना है कि वास्तविक पत्रकारिता करने वालों की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगना जरूरी है। फिलहाल प्रेस क्लब ने अपनी मांगें प्रशासन और पुलिस के सामने रख दी हैं। अब इन ज्ञापनों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर पत्रकारों की नजर रहेगी। साथ ही प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आरोप पर कार्रवाई निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
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