छत्तीसगढ़
निलंबित आरक्षक का वाहन चोरी गिरोह से कनेक्शन, चार गिरफ्तार
Shantanu Roy
11 Sept 2026 5:58 PM IST

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Raipur. रायपुर। राजधानी में वाहन चोरी के एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की जांच में निलंबित आरक्षक दिनेश कुमार टंडन का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि महासमुंद में गांजा तस्करी के मामले में जेल जाने के दौरान बने संपर्कों का इस्तेमाल कर वाहन चोरी का नेटवर्क तैयार किया गया। जेल से बाहर आने के बाद अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी कर उन्हें अन्य लोगों के माध्यम से बेचने और खपाने की बात सामने आई है। रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी साहिल राय समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई इनोवा क्रिस्टा भी बरामद की गई है। पूछताछ में कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं के संबंध में जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
मामले की जांच ग्राम दोदेखुर्द स्थित रुद्रांश मोटर गैरेज के बाहर से इनोवा क्रिस्टा चोरी होने की शिकायत के बाद शुरू हुई। विधानसभा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को साहिल राय पर संदेह हुआ। पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि वह एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा था। उस समय गैरेज में कोई मौजूद नहीं था। आरोप है कि उसने वहां रखी इनोवा क्रिस्टा की चाबी चुरा ली। इसके बाद 5 सितंबर की रात उसी चाबी की मदद से कार लेकर फरार हो गया।
वाहन लेकर साहिल समोदा पहुंचा, जहां कार का टायर खराब हो गया। इसके बाद उसने इनोवा को मेला स्थल के पास एक मंदिर के नजदीक खड़ा किया और कथित तौर पर रात उसी वाहन में बिताई। सुबह कार को लॉक कर वह वहां से चला गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इनोवा क्रिस्टा और उसकी चाबी बरामद की। साहिल से पूछताछ आगे बढ़ी तो वाहन चोरी से जुड़ी दूसरी घटनाओं की कड़ी भी सामने आने लगी। पुलिस के मुताबिक गिरोह से संजीव दत्ता, अमरजीत सिंह उर्फ बंटी सहित अन्य लोगों के जुड़े होने की जानकारी मिली। चोरी के वाहनों को अलग-अलग लोगों के माध्यम से बेचने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार करीब एक साल पहले मेकाहारा चीरघर के पास से एक बुलेट चोरी की गई थी, जिसे संजीव दत्ता के माध्यम से अमरजीत उर्फ बंटी को करीब 20 हजार रुपए में बेचने की बात पूछताछ में सामने आई। इसके कुछ दिनों बाद उसी क्षेत्र से KTM बाइक चोरी किए जाने की जानकारी भी मिली है। इसी तरह घड़ी चौक पार्किंग से बुलेट चोरी कर उसे बेचने और आमासिवनी मेन रोड से चोरी की गई एक अन्य बुलेट को ओडिशा में परिचित व्यक्ति के माध्यम से खपाने की बात सामने आई है।
पूछताछ में करीब पांच-छह महीने पहले आमासिवनी शराब दुकान से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी किए जाने की जानकारी भी मिली। इसके अलावा तेलीबांधा मरीन ड्राइव से एक्टिवा चोरी कर दूसरे व्यक्ति को चलाने के लिए देने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस को चोरी के वाहनों के नंबरों से छेड़छाड़ और कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें खपाने के संबंध में भी जानकारी मिली है। इन वाहनों का इस्तेमाल तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
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