छत्तीसगढ़

डिजिटल अरेस्ट से डरी महिला अपनी कमाई पूंजी गँवा बैठी, फ्रॉड गिरफ्तार

Nil dhankar
15 Aug 2025 12:13 PM IST
डिजिटल अरेस्ट से डरी महिला अपनी कमाई पूंजी गँवा बैठी, फ्रॉड गिरफ्तार
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छग

दुर्ग। भिलाई में एक महिला से 12.5 लाख की साइबर ठगी हुई है। फर्जी CBI, क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठगों ने महिला को 5 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया। इस दौरान उन्होंने महिला की जमा पूंजी और गहने गिरवी रखवा लिए और करीब 12.5 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य आरोपी को भी मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कॉल कन्वर्टर मशीन में लोकल सिम लगाकर कॉल बेचता था। ठगी की रकम को USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला के जरिए भारतीय मुद्रा में कन्वर्ट करता था।

भिलाई सेक्टर-7 की रहने वाली शोभा झा को 1 जुलाई 2025 को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उसने महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी का आरोप लगाया। आईपीसी की धाराओं का हवाला देकर जेल भेजने की धमकी दी। दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तवर ने बताया कि ठगों ने महिला को 5 दिन तक उनके घर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बंद रखा। इस दौरान उन्होंने महिला की जमा पूंजी और गहने गिरवी रखवा लिए। पेंशन खाते से रकम निकलवाकर RTGS के जरिए 12.5 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। एसीसीयू और भिलाई नगर थाना की टीम ने तकनीकी जांच की। पहले पकड़े गए आरोपी मोह. फैजल अहमद से पूछताछ में मेरठ निवासी सुहैल का नाम सामने आया। सुहैल कॉल कन्वर्टर मशीन में लोकल सिम लगाकर कॉल बेचता था। वह गिरोह को तकनीकी सहायता भी देता था।

जांच में पता चला कि ठगी की रकम को USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला के जरिए भारतीय मुद्रा में कन्वर्ट किया जाता था। आरोपी माइक्रोसॉफ्ट टीम्स एप के जरिए गिरोह के मुख्य सरगनाओं से संपर्क में रहता था। पुलिस ने सुहैल को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है।

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