छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर केंद्रीय जेल में रजत जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू
Shantanu Roy
4 Oct 2025 7:52 PM IST

x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय जेल बिलासपुर में 3 अक्टूबर से रजत जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम 10 अक्टूबर तक चलेगा और इसके तहत बंदियों के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेल अधीक्षक मंडावी ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल मनोरंजन या उत्सव का आयोजन नहीं है, बल्कि बंदियों के समग्र विकास और सकारात्मक मानसिक वातावरण को बढ़ावा देना है। कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों को स्वस्थ, रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त किया जा रहा है।
प्रमुख कार्यक्रम और गतिविधियां
3 अक्टूबर को कार्यक्रम की शुरुआत जेलों के आधुनिकीकरण पर विशेष आयोजन से हुई। इस आयोजन में जेल में सुधार, सुविधाओं के विकास और बंदियों के कल्याण पर चर्चा की गई।
4 अक्टूबर से आर्ट ऑफ लिविंग योग संस्थान ने पुरुष और महिला बंदियों के लिए 6 दिवसीय हैप्पीनेस कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करना और उन्हें अवसाद, तनाव एवं चिंता से मुक्ति दिलाना है।
इसी दिन राज्य मानसिक चिकित्सालय, सेंदरी के विशेषज्ञों ने जेल में करीब 50 मनोरोगी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके अलावा मनोरंजन के लिए शतरंज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें 40 बंदियों ने भाग लिया।
5 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से जेल परिसर में पर्यावरण और स्वच्छता के महत्व को समझाया गया।
6 अक्टूबर को बंदियों के नशामुक्ति शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें नशा मुक्ति के लिए जागरूक किया गया और व्यक्तिगत अनुभव साझा करने के अवसर प्रदान किए गए।
7 अक्टूबर को ब्रह्मकुमारी संस्था की कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में बंदियों को आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन के महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
8 अक्टूबर को विधिक सहायता शिविर और रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर बिलासपुर ने जेल का निरीक्षण किया और बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना।
9 अक्टूबर को महिला प्रकोष्ठ में रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में बंदियों ने अपनी रचनात्मकता और कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जेल प्रशासन की पहल
जेल अधीक्षक श्री मंडावी ने बताया कि इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य बंदियों के समग्र विकास, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ राज्य की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर बंदियों के लिए एक विशेष उपहार है। इन कार्यक्रमों से न केवल बंदियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि जेल परिसर में सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण भी तैयार होगा।
समाज और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
इन कार्यक्रमों से जेल बंदियों में तनाव कम करना, आत्मनियंत्रण बढ़ाना और सामाजिक कौशल विकसित करना संभव होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि योग, मनोरंजन, कला और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज होती है। जेल में आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य परीक्षण, नशामुक्ति, कला, खेल और आध्यात्मिक शिक्षा को मिलाकर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया है। इससे बंदियों का मन, मस्तिष्क और शरीर सभी स्तर पर संतुलन प्राप्त कर सकता है।
Tagsबिलासपुरकेंद्रीय जेलरजत जयंतीछत्तीसगढ़ 25 वर्षजेल आधुनिकीकरणआर्ट ऑफ लिविंगहैप्पीनेस प्रोग्राममानसिक स्वास्थ्यशतरंज प्रतियोगितास्वच्छता अभियानवृक्षारोपणनशामुक्ति शिविरब्रह्मकुमारी संस्थाविधिक सहायता शिविररक्तदान शिविरमहिला प्रकोष्ठरंगोली प्रतियोगिताबंदियों का समग्र विकासजेल प्रशासनBilaspurCentral JailSilver JubileeChhattisgarh 25 yearsJail ModernizationArt of LivingHappiness ProgramMental HealthChess CompetitionCleanliness CampaignTree PlantationDe-addiction CampBrahma Kumari OrganizationLegal Aid CampBlood Donation CampWomen CellRangoli CompetitionOverall Development of PrisonersJail Administration
Next Story





