छत्तीसगढ़

CG BREAKING: कुख्यात गांजा तस्कर रोहित यादव की 50 लाख से अधिक की संपत्ति फ्रीज

Shantanu Roy
4 Oct 2025 4:22 PM IST
CG BREAKING: कुख्यात गांजा तस्कर रोहित यादव की 50 लाख से अधिक की संपत्ति फ्रीज
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छग
Jashpur. जशपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस का “ऑपरेशन आघात” लगातार नशे के कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रहा है। इस अभियान के तहत जिले में एक और कुख्यात गांजा तस्कर की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया गया है। शनिवार 4 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने जानकारी दी कि कुख्यात गांजा तस्कर रोहित यादव की करीब ₹50 लाख 64 हजार 653 रुपए मूल्य की संपत्ति को सफेमा (SAFEMA) कोर्ट मुंबई के आदेश पर फ्रीज कराया गया है। जब्त संपत्तियों में एक मकान, चार
मोटरसाइकिलें
, एक स्कूटी और एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS) की धारा 68(f)(1) के तहत की गई है। यह पूरी सरगुजा रेंज में जशपुर पुलिस की दूसरी बड़ी सफेमा कार्रवाई है। इससे पहले इसी साल मार्च में थाना बागबहार क्षेत्र के ग्राम हल्दीझरिया निवासी कुख्यात तस्कर हीराधर यादव की करीब ₹1.38 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की गई थी।


कैसे पहुंची पुलिस इस कार्रवाई तक
जशपुर जिले के पत्थलगांव एसडीओपी धुर्वेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में जांच की गई। जांच में सामने आया कि चौकी कोतबा क्षेत्रांतर्गत ग्राम जामझोर निवासी तस्कर रोहित यादव के पास उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है।
रोहित यादव खेती-किसानी करता था, लेकिन उसके पास लाखों की गाड़ियां और आलीशान मकान थे। इस पर पुलिस को संदेह हुआ कि ये संपत्तियां गांजा तस्करी से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई हैं।
एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल ने उसकी और परिजनों की संपत्तियों और बैंक खातों की गहन जांच की। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि यादव की संपत्तियों की कुल कीमत 50 लाख रुपए से अधिक है, जो उसकी आय के अनुरूप नहीं थी।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
लंबा आपराधिक इतिहास, कई बार जेल भेजा गया रोहित यादव
जांच में सामने आया कि रोहित यादव एक आदतन गांजा तस्कर है, जिसके खिलाफ कई मामले पहले से दर्ज हैं।
साल 2013: चौकी कोतबा पुलिस ने उसके कब्जे से 13 किलो गांजा जब्त कर NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत कार्रवाई की थी।
साल 2017: अंबिकापुर सिटी कोतवाली पुलिस ने 23.630 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था।
साल 2021: 6 नवंबर को कोतबा पुलिस ने 20.570 किलो गांजा के साथ उसे रंगे हाथों पकड़ा था।
साल 2023: अंबिकापुर पुलिस ने 82 किलो गांजा के साथ फिर गिरफ्तार किया।
इन सभी मामलों में न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण दर्ज हैं, और बार-बार कार्रवाई के बावजूद रोहित यादव ने तस्करी करना नहीं छोड़ा।


सफेमा कोर्ट में नहीं रख पाया पक्ष
जांच पूरी होने के बाद एसडीओपी जायसवाल ने पूरी रिपोर्ट सक्षम अधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA) कोर्ट, मुंबई को भेजी। अदालत ने रोहित यादव को दो बार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। सुनवाई के बाद सफेमा कोर्ट ने मकान, गाड़ियां और बैंक खातों सहित कुल ₹50,64,653 मूल्य की संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश जारी किया।
जिले में दूसरी बड़ी सफेमा कार्रवाई
यह कार्रवाई सरगुजा रेंज में अब तक की दूसरी बड़ी संपत्ति फ्रीज कार्रवाई है। पहली कार्रवाई मार्च 2025 में हुई थी, जब थाना बागबहार क्षेत्र के ग्राम हल्दीझरिया निवासी हीराधर यादव की ₹1.38 करोड़ की संपत्ति जप्त की गई थी। दोनों ही मामलों में एसडीओपी धुर्वेश कुमार जायसवाल ने जांच अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशा तस्करों पर अब सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्ति पर भी सीधी कार्रवाई की जा रही है। “यह कार्रवाई गांजा तस्करी रोकने के लिए पुलिस की कठोर नीति का हिस्सा है। जो भी व्यक्ति नशे का कारोबार करेगा, उसकी अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी। यह पूरे क्षेत्र के तस्करों को स्पष्ट संदेश है कि वे तस्करी छोड़ दें, अन्यथा पुलिस उनके अवैध अर्जन पर भी कार्रवाई करेगी।” — एसएसपी शशि मोहन सिंह
ऑपरेशन ‘आघात’ का प्रभाव
जशपुर पुलिस का यह अभियान नशा तस्करों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अब तक कई तस्कर पकड़े जा चुके हैं और करोड़ों की अवैध संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब जिले में सक्रिय कुछ और तस्करों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है। आने वाले समय में SAFEMA के तहत और भी जब्ती कार्रवाइयां संभव हैं।
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