छत्तीसगढ़

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की नयनाभिराम प्रतिमा बनाई

Nil dhankar
14 July 2025 1:00 PM IST
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की नयनाभिराम प्रतिमा बनाई
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भिलाई। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की नयनाभिराम प्रतिमा का निर्माण सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डा. अंकुश देवांगन ने किया है। महाराष्ट्र स्नेह मंडल नेहरू नगर भिलाई द्वारा इस प्रतिमा को स्मृति नगर के बाल गंगाधर तिलक उद्यान में स्थापित किया जा रहा है। सूक्ष्म से सूक्ष्मतम् और विशाल से विशालतम् कलाकृतियों के निर्माण जैसी विविधता के साथ इस कला के हर क्षेत्र में अपना श्रेष्ठतम् देने के कारण वे छत्तीसगढ़ी कलाजगत में मूर्तिकला के पर्याय के रूप मे जाने जाते हैं। उन्होंने न सिर्फ छत्तीसगढ़ वरन् पूरे भारतवर्ष में अपने कला का परचम लहराया है।

मूर्तिकार डा. अंकुश देवांगन समकालीन भारतीय कलाजगत के एक सशक्त स्तम्भ हैं जिन्हें दुनिया की सबसे बड़ी लौहरथ प्रतिमा (दल्ली राजहरा), दुनिया का सबसे लंबा भित्तिचित्र (पुरखौती मुक्तागन, रायपुर) तथा दुनिया की सबसे छोटी मूर्तियां बनाने के लिए लिम्का तथा गोल्डन बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड का एवार्ड मिल चुका है। सबसे छोटी मूर्तियों की देशभर में सैकड़ो सफल प्रदर्शनी के अलावा वे सात समंदर पार इंग्लैंड में भी अपनी सूक्ष्मकला की प्रदर्शनी लगा चुके हैं। उनके द्वारा बनाई गई दुनिया की सबसे छोटी गणेश प्रतिमा सरसो के दाने से भी बीस गुनी छोटी है जिसे लंदन के गिनीज बुक कार्यालय में संग्रहित किया गया है। सूक्ष्म कृतियां तो आगाज है वरन् उनकी बनाई मूर्तियां चार-चार और छह-छह मंजिल इमारत जितनी ऊंची होती है।

भिलाई में सिविक सेंटर का कृष्ण अर्जुन रथ, छोटा परिवार चौक, रूआबांधा का पंथी चौक, बोरिया गेट का प्रधानमंत्री ट्राफी चौक, सेक्टर 1 का श्रमवीर चौक, भिलाई निवास में नटराज के अलावा उन्होंने सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला हरियाणा, राजभवन भोपाल, मदकूद्वीप में मांडूक्य ऋषि की प्रतिमा एवं दुर्गापुर स्टील प्लांट में सैकड़ो मूर्तियां बनाई है। उन्होंने जहां जहां भी कलाकृतियां बनाई है कालांतर में वे सभी स्थान पर्यटन स्थल के रूप मे प्रसिद्ध हो चुके हैं। जिससे उनकी कला की उत्कृष्टता का अंदाजा लगाया जा सकता है। वे अपनी कला के माध्यम से सामाजिक सरोकार के लिए भी जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में लगभग 37 वर्षों से वे कलाप्रदर्शनी तथा प्रशिक्षण देते आ रहे हैं ताकि यहां के बच्चे हिंसा के क्षेत्र में न जाएं और सृजनशील बनें। उनकी कलासाधना को देखते हुए भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने उन्हें स्वस्फूर्त ललित कला अकादमी का मेम्बर बनाया है। जहां वे छत्तीसगढ़ से प्रथम एक्जीक्यूटिव बोर्ड मेम्बर बने हैं। बहरहाल लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की इस प्रतिमा से उद्यान की सुंदरता में चार चांद लग आएंगे यह निश्चित है।

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