
Bihar: औरंगाबाद, बिहार के दाउदनगर प्रखंड के अंछा गांव निवासी विकास कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर चयन पाया है। उनकी इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और परिवार गर्व महसूस कर रहा है।
विकास कुमार एक किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता अवधेश सिंह किसान हैं और माता अनीता देवी गृहिणी हैं। बेटे के अधिकारी बनने की खबर मिलते ही घर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। परिवार ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान का आभार व्यक्त किया और इसे लंबे संघर्ष का परिणाम बताया।
विकास कुमार पिछले तीन वर्षों से रोहतास जिले के डेहरी में अमीन के पद पर कार्यरत थे। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी को भी लगातार जारी रखा। उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान पर निर्भर रहने के बजाय आत्म-अध्ययन, अनुशासन और नियमित मेहनत को अपनी सफलता का आधार बनाया।
उनकी तैयारी का सफर 2016 से शुरू हुआ था। इस दौरान उन्होंने यूपीएससी और जेपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी भाग लिया। यूपीएससी में वे दो बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, जबकि बीपीएससी में छह बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचने के बावजूद चयन नहीं हो सका। 67वीं बीपीएससी परीक्षा में वे मात्र चार अंकों से चयन से चूक गए थे। इसके अलावा एक बार प्रारंभिक परीक्षा में भी असफलता मिली, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपना प्रयास जारी रखा और सातवें प्रयास में सफलता हासिल कर ली। इस दौरान वे शादीशुदा जीवन और नौ महीने के बच्चे की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे, फिर भी पढ़ाई नहीं छोड़ी।
विकास कुमार का कहना है कि धैर्य, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियां कभी सफलता की राह नहीं रोक सक तीं, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे। उनकी यह सफलता आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।





