बिहार

संघर्षों के बीच खुशबू कुमारी ने रचा इतिहास, BPSC में 853वीं रैंक के साथ बनीं CPO

Kavita2
21 Jun 2026 11:10 AM IST
संघर्षों के बीच खुशबू कुमारी ने रचा इतिहास, BPSC में 853वीं रैंक के साथ बनीं CPO
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Bihar बिहार: कहते हैं कि सपनों की उड़ान के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा मजबूत इरादों की जरूरत होती है। इस बात को फतेहपुर प्रखंड की मनहोना गांव निवासी खुशबू कुमारी ने अपने संघर्ष और मेहनत से सच साबित कर दिया है। कठिन परिस्थितियों, आर्थिक चुनौतियों और निजी दुखों के बावजूद उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

खुशबू कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में 853वीं रैंक हासिल कर बाल संरक्षण पदाधिकारी (CPO) पद पर चयन प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे गांव, प्रखंड और जिले को गर्व महसूस कराया है।

खुशबू फतेहपुर प्रखंड के इतिहास में बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली पहली बेटी बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही उनकी सफलता की खबर गांव पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई और लोग बधाई देने उनके घर पहुंचने लगे।

परिवार के अनुसार, खुशबू ने अपनी पढ़ाई के दौरान कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। उनकी इस सफलता के पीछे वर्षों की लगन और आत्मविश्वास की अहम भूमिका रही।

गांव के लोगों का कहना है कि खुशबू हमेशा से ही पढ़ाई में होशियार थीं और उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाने का था। उन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है।

उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। कई छात्र-छात्राएं उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मान रहे हैं और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में जुट गए हैं।

स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने भी खुशबू की सफलता पर खुशी जताई है और कहा है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे भी बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं।

खुशबू कुमारी की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, फतेहपुर की यह बेटी आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गई है और उनकी यह सफलता आने वाले समय में कई युवाओं के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।

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