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Gopalganj गोपालगंज: शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो गई है। पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा-अर्चना श्रद्धा और विश्वास के साथ की जा रही है। गोपालगंज के ऐतिहासिक थावे भवानी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भक्त देवी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
मंदिर के पुजारियों ने बताया कि थावे भवानी मंदिर का इतिहास 500 वर्षों से भी पुराना है। मान्यता है कि देवी कामाख्या स्वयं भक्त रहषु के आह्वान पर यहां आई थीं, जिन्होंने हल में बाघ को जोतकर फसल उगाई थी। अपनी यात्रा के दौरान देवी तीन स्थानों पर रुकीं, जहाँ अब प्रसिद्ध मंदिर स्थापित हैं: कोलकाता का दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पटना का बड़ी पटन देवी मंदिर और सारण का अमी मंदिर।
इस वर्ष नवरात्रि एक विशेष संयोग लेकर आ रही है। आमतौर पर यह पर्व नौ दिनों तक चलता है, लेकिन इस बार चतुर्थी तिथि दो दिन होने के कारण नवरात्रि दस दिनों की होगी। आचार्य राकेश झा ने बताया कि पहले दिन कलश स्थापना और देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस बार देवी कुष्मांडा की पूजा दो दिन होगी। महाअष्टमी 30 सितंबर को और नवमी बुधवार, 1 अक्टूबर को होगी। सूर्य सिद्धांतीय जयादित्य पंचांग के अनुसार, इस बार देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आई हैं। ज्योतिषीय मान्यता है कि देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे परिवार और समाज में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इसलिए इस नवरात्रि को और भी खास माना जाता है।
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