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Yoga Tips : सर्वाइकल दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाएंगे योग आसन

Sarita
11 Jan 2026 10:35 AM IST
Yoga Tips :  सर्वाइकल दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाएंगे  योग आसन
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Yoga Tips : घंटों मोबाइल देखने से झुकी गर्दन, लैपटाॅप के आगे जकड़ी कमर और कुर्सी पर लंबे समय तक बैठे रहने से बढ़ने वाला वजन व पेट आधुनिक जीवनशैली से होने वाली स्वास्थ्य समस्याए हैं। बिगड़ी दिनचर्या के काऱण मोबाइल नेक, सर्वाइकल, लोअर बैक पेन और स्लिप डिस्क जैसी बीमारियां होती हैं। इन समस्याओं में दवाएं राहत तो देती हैं लेकिन स्थाई समाधान नहीं देती।
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का समाधान है, योग। यह वह पुरानी विद्या है जो आज सबसे आधुनिक इलाज बनकर सामने आई है। अगर दिनभर डेस्क वर्क करने या मोबाइल व लैपटाॅप की स्क्रीन झुककर देखने के कारण गर्दन और कमर में दर्द रहता है तो यहां कुछ योगासन बताए जा रहे हैं, जो कि मोबाइल नेक और सर्वाइकल जैसी बीमारियों से राहत दिलाएंगे।
योग कैसे बनता है नई बीमारियों का रामबाण इलाज?
मोबाइल नेक और सर्वाइकल में योग का असर:
लगातार गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से रीढ़ की ऊपरी हड्डियां दबाव में आ जाती हैं। भुजंगासन, गोमुखासन और गर्दन संचालन क्रिया गर्दन की मांसपेशियों को ढील देती हैं और रक्त संचार बेहतर करती हैं। नियमित अभ्यास से अकड़न कम होती है और दर्द जड़ से जाता है।
स्लिप डिस्क में योग क्यों जरूरी है:
स्लिप डिस्क सिर्फ उम्र की बीमारी नहीं रही। गलत बैठने और झुकने से युवा भी इसकी चपेट में हैं। मकरासन, शलभासन और सेतुबंधासन रीढ़ को सहारा देते हैं और डिस्क पर दबाव कम करते हैं। योग यहां इलाज नहीं, बल्कि रीढ़ की मरम्मत है।
ऑफिस कुर्सी पर बैठा शरीर धीरे-धीरे जड़ हो जाता है। पवनमुक्तासन और अर्धमत्स्येन्द्रासन कमर की जकड़न खोलते हैं। योग शरीर को फिर से चलना सिखाता है—धीरे, स्थिर और संतुलन के साथ।
मानसिक तनाव भी है दर्द की बड़ी वजह:
तनाव शरीर को अंदर से सिकोड़ देता है। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम नसों को शांत करते हैं। जब मन ढीला पड़ता है, शरीर खुद-ब-खुद सीधा होने लगता है।
मोबाइल नेक और सर्वाइकल के लिए सबसे असरदार योगासन:
ग्रीवा संचालन:
गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं, आगे-पीछे घुमाएं।
इस अभ्यास को 5-5 बार करें।
इससे जमी हुई मांसपेशियां ढीली होती हैं
ताड़ासन:
सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं।
एड़ियों पर वजन डालें।
10–15 सेकंड रोकें। इस अभ्यास को 5 बार दोहराएं।
रीढ़ और गर्दन की लाइन सीधी होती है।
भुजंगासन
पेट के बल लेटकर छाती उठाएं।
गर्दन पर जोर न डालें।
15–20 सेकंड तक 3 बार यही अभ्यास दोहराएं।
यह सर्वाइकल की अकड़न कम करता है।
मार्जरी- बिटिलासन
रीढ़ को ऊपर-नीचे करें।
सांस के साथ तालमेल बैठाएं।
8–10 राउंड अभ्यास करें।
पूरी स्पाइन रिलैक्स होती है।
सर्वाइकल के लिए प्राणायाम:
अनुलोम-विलोम :
इसका अभ्यास 7 मिनट करें।
गर्दन तक ब्लड फ्लो सुधारता है
भ्रामरी प्राणायाम:
इसका अभ्यास 7 बार दोहराएं।
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क्या न करें?
गर्दन चटकाना।
बिना तकिए या बहुत ऊंचे तकिए पर सोना।
मोबाइल आंखों से नीचे पकड़ना।
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