लाइफ स्टाइल

सेहतमंद रहने के लिए जापानी रोज अपनाते हैं ये खास आदत

Ratna Netam
17 Aug 2026 6:19 PM IST
सेहतमंद रहने के लिए जापानी रोज अपनाते हैं ये खास आदत
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लाइफ स्टाइल : मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी, गले में खराश और फ्लू जैसे वायरल संक्रमण के मामले बढ़ने लगते हैं। ऐसे में लोग इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई तरीके अपनाते हैं। लेकिन एक बेहद सामान्य आदत संक्रमण के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह आदत है **नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना**। जापान समेत दुनिया के कई देशों में व्यक्तिगत स्वच्छता और हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी CDC के मुताबिक हाथों की सही सफाई कई संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने के सबसे प्रभावी तरीकों में शामिल है। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ हाथ धोने से सभी वायरल बीमारियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। यह संक्रमण के जोखिम को कम करने का एक महत्वपूर्ण उपाय है।
जापान में स्वच्छता पर खास ध्यान
जापानी जीवनशैली में साफ-सफाई को काफी महत्व दिया जाता है। घर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने तक कई आदतें वहां की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं।
हाथ धोना भी इसी स्वच्छता संस्कृति से जुड़ा है। बाहर से घर लौटने, खाना खाने से पहले और संक्रमण फैलने के मौसम में हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
जापान में स्कूली बच्चों को भी छोटी उम्र से व्यक्तिगत स्वच्छता और आसपास सफाई रखने की आदत सिखाई जाती है। यही कारण है कि जापान की स्वच्छता से जुड़ी आदतों की दुनिया भर में अक्सर चर्चा होती है।
वायरस से बचाव में कैसे मदद करता है हाथ धोना?
दिनभर हमारे हाथ मोबाइल फोन, दरवाजे के हैंडल, लिफ्ट के बटन, टेबल और सार्वजनिक परिवहन में मौजूद सतहों को छूते हैं। इन सतहों पर मौजूद कुछ रोगाणु हाथों तक पहुंच सकते हैं।
इसके बाद जब हम बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो रोगाणुओं के शरीर में प्रवेश करने की संभावना बढ़ सकती है। साबुन से हाथ धोने पर त्वचा से गंदगी और कई प्रकार के रोगाणुओं को हटाने में मदद मिलती है।
विशेष रूप से साबुन और बहते पानी से हाथों को अच्छी तरह साफ करना संक्रमण नियंत्रण की बुनियादी आदतों में से एक माना जाता है।
कम से कम 20 सेकंड तक धोएं हाथ
सिर्फ हाथों पर पानी डालना पर्याप्त नहीं है। CDC के अनुसार हाथों को साफ करने के लिए पहले साफ बहते पानी से गीला करें, फिर साबुन लगाकर हथेलियों, हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास अच्छी तरह रगड़ें।
हाथों को **कम से कम 20 सेकंड** तक रगड़ना चाहिए। इसके बाद साफ बहते पानी से धोकर साफ तौलिये से सुखाएं या हवा में सूखने दें।
अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं हैं तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर कई परिस्थितियों में विकल्प हो सकता है। हालांकि हाथ स्पष्ट रूप से गंदे या चिकने हों तो साबुन और पानी बेहतर विकल्प हैं।
कब जरूर धोने चाहिए हाथ?
खाना बनाने या खाने से पहले हाथ धोना जरूरी है। शौचालय इस्तेमाल करने, खांसने या छींकने, नाक साफ करने, कचरा छूने और बीमार व्यक्ति की देखभाल करने के बाद भी हाथों की सफाई करनी चाहिए।
बाहर से घर लौटने के बाद हाथ धोना एक अच्छी आदत है, खासकर तब जब आपने सार्वजनिक परिवहन या भीड़भाड़ वाले स्थानों का इस्तेमाल किया हो।
इसके साथ बिना जरूरत बार-बार चेहरे को छूने से बचना भी संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
सिर्फ हाथ धोना ही पर्याप्त नहीं
वायरल संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे अकेला सुरक्षा उपाय नहीं माना जाना चाहिए। कई श्वसन वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई सांस की बूंदों और छोटे हवा में मौजूद कणों के जरिए भी फैल सकते हैं।
इसलिए बीमार होने पर घर में रहना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, बंद जगहों में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना और जरूरत के अनुसार मास्क पहनना भी उपयोगी हो सकता है। फ्लू जैसी बीमारियों के लिए उपलब्ध टीकाकरण भी गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
छोटी आदत, बड़ा फायदा
हाथ धोना कोई महंगा फिटनेस रूटीन या मुश्किल हेल्थ हैक नहीं है। इसे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। जापानी स्वच्छता संस्कृति से प्रेरणा लेते हुए नियमित हैंड हाइजीन अपनाना रोजमर्रा के संक्रमणों से बचाव की दिशा में एक सरल कदम हो सकता है।
लेकिन याद रखें, यह कोई ऐसा नुस्खा नहीं है जिससे वायरल बीमारियां हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी। सही तरीके से हाथ धोना संक्रमण की संभावना को **कम करने** में मदद करता है और दूसरी स्वास्थ्य-सुरक्षा आदतों के साथ इसका फायदा अधिक होता है।
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