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बचे हुए चावल से बनती है ये खास डिश, जानें रेसिपी

Rajeshwari Nishad
27 Oct 2026 9:00 PM IST
बचे हुए चावल से बनती है ये खास डिश, जानें रेसिपी
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Fermented Rice Health Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग ऐसे नाश्ते की तलाश करते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ हल्का, पौष्टिक और आसानी से तैयार होने वाला हो। ऐसे में भारत का एक पारंपरिक व्यंजन फिर चर्चा में है। इसे फर्मेंटेड राइस यानी खमीरयुक्त चावल कहा जाता है। दक्षिण भारत में यह पज़ानकांजी या पझाया सदम के नाम से जाना जाता है, जबकि पश्चिम बंगाल में इसे पांता भात कहते हैं। ओडिशा में पखाला भात के रूप में भी इससे मिलता-जुलता व्यंजन लोकप्रिय है। आमतौर पर इसे पके हुए चावल को पानी में भिगोकर बनाया जाता है। पारंपरिक तरीके में चावल को कुछ घंटों या रातभर रखा जाता है, जिससे उसमें हल्का प्राकृतिक फर्मेंटेशन हो सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि पके चावल को सामान्य तापमान पर रातभर रखना फूड पॉइजनिंग का कारण भी बन सकता है।
आखिर क्या है फर्मेंटेड चावल?
फर्मेंटेड चावल एक पारंपरिक खाद्य पदार्थ है, जिसे भारत के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से खाया जाता रहा है।इसे बनाने के पारंपरिक तरीके में पके हुए चावल को पानी में डुबोकर कुछ घंटों के लिए रखा जाता है।इस दौरान चावल में मौजूद कुछ सूक्ष्मजीव सक्रिय हो सकते हैं, जिससे प्राकृतिक किण्वन यानी फर्मेंटेशन की प्रक्रिया शुरू होती है।इस प्रक्रिया से चावल के स्वाद और बनावट में बदलाव आ सकता है।पांता भात आमतौर पर प्याज, हरी मिर्च, नमक और दूसरे पारंपरिक व्यंजनों के साथ खाया जाता है।हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में इसे तैयार करने और परोसने के तरीकों में अंतर होता है।
शरीर को ऊर्जा देने में कैसे मदद करता है?
चावल मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है। शरीर कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलकर ऊर्जा प्राप्त करता है।यही वजह है कि चावल से बना नाश्ता शरीर की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकता है।फर्मेंटेड चावल में भी कार्बोहाइड्रेट मौजूद रहते हैं।हालांकि, इसे खाने से सामान्य चावल के मुकाबले तुरंत अधिक ऊर्जा मिलने का दावा वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं है।इसके अलावा चावल में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है।इसलिए इसे संतुलित नाश्ता बनाने के लिए दही, दाल, अंडा या दूसरी प्रोटीनयुक्त चीजों के साथ लिया जा सकता है।
पाचन के लिए क्या हैं संभावित फायदे?
फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों को अक्सर पाचन स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है।कुछ प्रकार के फर्मेंटेशन के दौरान लैक्टिक एसिड बनाने वाले सूक्ष्मजीव सक्रिय होते हैं।वर्ष 2024 में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन में पारंपरिक पांता भात के नमूनों में कुछ संभावित लाभकारी सूक्ष्मजीव पाए गए थे।अध्ययन में यह भी संकेत मिला कि भिगोने और हल्के फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से चावल के कुछ पोषण संबंधी गुणों में बदलाव हो सकता है।हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर घर में तैयार किया गया फर्मेंटेड चावल प्रोबायोटिक है या उसे खाने से पाचन संबंधी बीमारियां ठीक हो जाती हैं।इसके लिए अधिक व्यापक मानव अध्ययनों की आवश्यकता है।
आयरन और दूसरे खनिजों की उपलब्धता पर असर
फर्मेंटेड चावल को लेकर हुए कुछ अध्ययनों में खनिजों की उपलब्धता से जुड़े दिलचस्प परिणाम मिले हैं।वर्ष 2024 के एक शोध में रातभर पानी में भिगोए गए पके चावल के नमूनों में आयरन, जिंक, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कुछ खनिजों की उपलब्ध मात्रा में बदलाव देखा गया।शोधकर्ताओं ने इसे संभावित पोषण लाभ के रूप में प्रस्तुत किया।हालांकि, यह प्रयोग सीमित परिस्थितियों में किया गया था।इस आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि फर्मेंटेड चावल खाने से एनीमिया या किसी खनिज की कमी का इलाज हो सकता है।स्वस्थ रहने के लिए विविध और संतुलित भोजन जरूरी है।
क्या गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है?
देश के कई हिस्सों में पांता भात और पखाला भात गर्मियों में विशेष रूप से खाए जाते हैं।इन व्यंजनों में पानी की पर्याप्त मात्रा होने के कारण इन्हें खाने के साथ शरीर को तरल पदार्थ भी मिलते हैं।ठंडा परोसे जाने पर ये गर्म मौसम में ताजगी का अनुभव करा सकते हैं।हालांकि, शरीर का तापमान नियंत्रित करने या लू से बचाव करने के लिए इन्हें किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं समझना चाहिए।तेज गर्मी में पर्याप्त सुरक्षित पेयजल, छाया और जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन अधिक महत्वपूर्ण है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद?
फर्मेंटेड चावल को लेकर कुछ अध्ययनों में भोजन के बाद रक्त शर्करा की प्रतिक्रिया में कमी देखी गई है।लेकिन यह परिणाम सीमित अध्ययन परिस्थितियों में प्राप्त हुए हैं।सामान्य चावल की तरह फर्मेंटेड चावल में भी कार्बोहाइड्रेट मौजूद रहते हैं, जो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं।इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगों को इसे बिना मात्रा नियंत्रित किए नहीं खाना चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार, चावल की मात्रा, उसके साथ खाए जाने वाले प्रोटीन और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ तथा व्यक्ति की दवाएं रक्त शर्करा पर असर डाल सकती हैं।डायबिटीज वाले लोगों को अपने चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार भोजन चुनना चाहिए।
फर्मेंटेड चावल बनाने का पारंपरिक तरीका
पारंपरिक रूप से पांता भात बनाने के लिए पहले सामान्य तरीके से चावल पकाए जाते हैं।इसके बाद बचे हुए पके चावल को साफ बर्तन में डालकर पानी से ढक दिया जाता है।कुछ परंपराओं में इन्हें रातभर रखा जाता है और अगले दिन प्याज, हरी मिर्च, नमक तथा दूसरे खाद्य पदार्थों के साथ परोसा जाता है।लेकिन इस पारंपरिक विधि के साथ खाद्य सुरक्षा का जोखिम भी जुड़ा हुआ है।विशेष रूप से गर्म और आर्द्र मौसम में पके चावल को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना सुरक्षित नहीं माना जाता।इसलिए बिना नियंत्रित फर्मेंटेशन प्रक्रिया के घर पर रातभर चावल बाहर छोड़ने की सलाह नहीं दी जा सकती।
घर पर अधिक सुरक्षित तरीके से कैसे खाएं?
यदि आप पारंपरिक चावल का यह व्यंजन आजमाना चाहते हैं, तो पके हुए चावल को जल्द ठंडा करके फ्रिज में रखें।भोजन सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, पके चावल को आदर्श रूप से एक घंटे के भीतर ठंडा करके रेफ्रिजरेटर में रखना चाहिए।ठंडे चावल में खाने के समय सुरक्षित पेयजल, दही या अपनी पसंद की सामग्री मिलाकर इसे पारंपरिक अंदाज में परोसा जा सकता है।हालांकि, इस विधि में पारंपरिक रातभर के फर्मेंटेशन जैसा स्वाद और सूक्ष्मजीवी प्रभाव विकसित हो, यह जरूरी नहीं है।ठंडे रखे गए चावल को 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल करना बेहतर है।
रातभर बाहर रखे चावल खाने से क्या खतरा है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पके चावल में बैसिलस सेरियस (Bacillus cereus) नामक जीवाणु के बीजाणु मौजूद रह सकते हैं।ये बीजाणु पकाने के बाद भी जीवित रह सकते हैं।यदि चावल लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखा जाता है, तो जीवाणु बढ़ सकते हैं और विषैले पदार्थ बना सकते हैं।ऐसा दूषित भोजन खाने से उल्टी, पेट दर्द और दस्त की समस्या हो सकती है।कुछ विषैले पदार्थ दोबारा गर्म करने के बाद भी पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होते।इसलिए चावल में खट्टापन आना या फर्मेंटेशन होना अपने आप में उसके सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं है।अमेरिकी खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण और ब्रिटेन की फूड स्टैंडर्ड्स एजेंसी भी पके चावल को सुरक्षित तापमान पर रखने की सलाह देते हैं।
किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?
गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को असुरक्षित तरीके से तैयार किए गए फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।यदि चावल संदिग्ध परिस्थितियों में रखा गया हो, तो उसे खाने से बचना चाहिए।केवल गंध या स्वाद से भोजन की सुरक्षा का पूरा अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।यदि चावल खाने के बाद उल्टी, दस्त या पेट में तेज दर्द हो, तो जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
संतुलित नाश्ते का हिस्सा बन सकते हैं चावल
पारंपरिक चावल आधारित नाश्ते भारतीय खानपान की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं।फर्मेंटेड चावल पर शोध में कुछ संभावित पोषण लाभ सामने आए हैं, लेकिन इन लाभों की पुष्टि के लिए अभी और अध्ययन जरूरी हैं।
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