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पश्चिम बंगाल
West Bengal में बड़ा एनकाउंटर, 17 साल की छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की मौत
Ratna Netam
27 Oct 2026 8:49 PM IST

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कोलकाता : 27 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में 17 वर्षीय छात्रा से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले का मुख्य आरोपी 23 वर्षीय प्रह्लाद दास मंगलवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर वारदात का घटनाक्रम दोबारा तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पीड़िता के परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है।
घटनास्थल की जांच के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, यह मामला पश्चिम बंगाल के गाईघाटा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने किशोरी की कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में प्रह्लाद दास को गिरफ्तार किया था।सोमवार देर रात पुलिस की टीम आरोपी को लेकर घटनास्थल पहुंची थी। इसका उद्देश्य अपराध से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाक्रम की पुनः जांच करना था।पुलिस सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान प्रह्लाद दास ने अचानक एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं।इस दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी खबर है। पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें आरोपी को गोली लगी।घायल प्रह्लाद दास को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
24 अक्टूबर की रात लापता हुई थी छात्रा
इस घटना की शुरुआत 24 अक्टूबर की रात हुई थी। पीड़िता गाईघाटा इलाके की रहने वाली थी और 11वीं कक्षा में पढ़ती थी।परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात किशोरी अपने परिवार और परिचितों के साथ घर के नजदीक आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने गई थी।रात करीब साढ़े 11 बजे उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। इसके बाद वह कार्यक्रम स्थल से बाहर चली गई।काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका।अगली सुबह एक घर के पीछे किशोरी का शव बरामद हुआ। शव पर चोटों के निशान मिलने के बाद परिजनों ने दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया।
परिजनों की शिकायत पर गिरफ्तार हुआ था आरोपी
किशोरी का शव मिलने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रह्लाद दास को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।प्रह्लाद दास गाईघाटा के शिमुलपुर इलाके का रहने वाला था और पीड़िता को पहले से जानता था। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वह पीड़ित परिवार का रिश्तेदार भी था।आरोपी को बोंगांव की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे दस दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
पीड़िता के पिता बोले- हमारी बेटी वापस नहीं आएगी
पुलिस मुठभेड़ में प्रह्लाद दास की मौत की खबर सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों ने प्रतिक्रिया दी।पीड़िता के पिता ने पत्रकारों से कहा कि उनकी बेटी अब कभी वापस नहीं आएगी, लेकिन पुलिस ने जो कार्रवाई की, उससे परिवार को संतोष है।उन्होंने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और गोलीबारी की।स्थानीय निवासियों ने भी घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया। कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए किशोरी के परिवार के प्रति संवेदना जताई।
पुलिस ने जांच के लिए बनाई थी विशेष टीम
किशोरी की मौत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया था।बोंगांव पुलिस जिले की पुलिस अधीक्षक बिदिशा कलिता दासगुप्ता के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।जांचकर्ताओं का उद्देश्य घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना और यह जांचना था कि अपराध में अन्य व्यक्तियों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।आरोपी की मुठभेड़ में मौत के बाद अब पुलिस हिरासत के दौरान हुई गोलीबारी की परिस्थितियां भी जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गई हैं।
मुठभेड़ की परिस्थितियों पर भी उठेंगे सवाल
पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी ने पहले गोली चलाई थी और पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।हालांकि, मुठभेड़ की परिस्थितियों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। हिरासत में किसी आरोपी की मौत होने पर निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होता है।इस मामले में भी घटना से जुड़े साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित जांच के निष्कर्षों के आधार पर परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।फिलहाल पीड़िता के परिजन अपनी बेटी की मौत से सदमे में हैं। इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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