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Lifestyle, लाइफस्टाइल : वजन घटाना हर किसी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह चुनौती उन लोगों के लिए और बढ़ जाती है जिन्हें ब्लड शुगर या डायबिटीज की समस्या है। विशेषज्ञों के अनुसार, फैट लॉस या वेट लॉस की शुरुआत में जो तेजी से वजन घटता है, वह हमेशा फैट की वजह से नहीं होता। शुरुआती दिनों में वजन कम होने का बड़ा कारण शरीर में जमा पानी, ग्लाइकोजन स्टोर और कभी-कभी मसल्स लॉस होता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए यह समझना जरूरी है कि वजन कम करने की प्रक्रिया में शरीर में ग्लूकोज स्तर पर भी असर पड़ता है। फिटनेस एक्सपर्ट और डायबिटीज स्पेशलिस्ट बताते हैं कि केवल वजन कम करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि शरीर में फैट प्रतिशत को कम करना और मसल्स मास को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
डॉ. अर्पित गुप्ता, जो एक एन्डोक्रिनोलॉजिस्ट हैं, कहते हैं, “ब्लड शुगर मरीजों को वजन घटाने के लिए कोई भी डाइट या एक्सरसाइज शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। अचानक कम कैलोरी डाइट या बहुत तेज़ वर्कआउट ब्लड शुगर लेवल को अस्थिर कर सकते हैं। शुरुआत में वजन कम होना मोटिवेशन बढ़ाता है, लेकिन यह जरूरी है कि यह पानी या मसल्स लॉस की बजाय फैट लॉस की दिशा में हो।”
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए वेट लॉस के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
संतुलित डाइट:
ब्लड शुगर मरीजों के लिए उच्च फाइबर वाले फूड्स, साबुत अनाज, फल, हरी सब्जियां और हेल्दी फैट्स जैसे नट्स, एवोकाडो और ऑलिव ऑयल शामिल करना चाहिए। प्रोसेस्ड और शुगर वाले फूड्स से बचना बेहद जरूरी है।
धीरे-धीरे वजन कम करना:
अचानक वजन कम करने की कोशिश मसल्स लॉस या ब्लड शुगर की अस्थिरता ला सकती है। हर हफ्ते 0.5 से 1 किलो वजन घटाना सुरक्षित और स्थायी तरीका माना जाता है।
प्रोटीन का महत्व:
प्रोटीन मसल्स मास को बनाए रखने में मदद करता है और फैट लॉस के दौरान मसल्स टूटने से रोकता है। अंडा, दही, चिकन, मछली और पनीर जैसी चीजें डाइट में शामिल करें।
एक्सरसाइज और एक्टिविटी:
कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और फैट लॉस में मदद करते हैं। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज लाभकारी होती है।
हाइड्रेशन:
शरीर में पानी की कमी ब्लड शुगर और मेटाबोलिज़्म दोनों को प्रभावित कर सकती है। पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
नियमित मॉनिटरिंग:
ब्लड शुगर और वजन की नियमित जांच से यह पता चलता है कि कौन-सी डाइट या वर्कआउट पैटर्न शरीर के लिए सही है।
वजन घटाने के लिए केवल “स्केल नंबर” पर ध्यान देना सही नहीं है। ब्लड शुगर मरीजों के लिए मुख्य उद्देश्य शरीर की फैट मात्रा घटाना और मसल्स बनाए रखना होना चाहिए। विशेषज्ञ कहते हैं कि धीरे-धीरे और स्थायी तरीके से वजन घटाने पर ध्यान देने से न केवल ब्लड शुगर नियंत्रित रहेगा, बल्कि दिल और हड्डियों की सेहत भी बेहतर होगी।
इसलिए, वेट लॉस के दौरान धैर्य रखना, संतुलित डाइट अपनाना, नियमित एक्सरसाइज करना और विशेषज्ञ की निगरानी में रहना ब्लड शुगर मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
ब्लड शुगर मरीजों के लिए वेट लॉस सिर्फ वजन कम करने का मामला नहीं है। यह सही फैट लॉस, मसल्स मास बनाए रखने और शरीर में ग्लूकोज संतुलन बनाए रखने का संतुलित रास्ता है। शुरुआती दिनों में तेजी से वजन घटने को पानी या मसल्स लॉस समझें, और धैर्यपूर्वक, विशेषज्ञ की सलाह के साथ स्वस्थ तरीके से फैट घटाएं।
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