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सप्लीमेंट्स और हार्ट हेल्थ : सेहत सुधारने के चक्कर में न बढ़ाएं बीमारी

Saba Naaz
8 Jun 2025 5:44 PM IST
सप्लीमेंट्स और हार्ट हेल्थ : सेहत सुधारने के चक्कर में न बढ़ाएं बीमारी
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Lifestyle लाइफस्टाइल : अच्छी सेहत चाहते हैं तो इसके लिए डॉक्टर सबसे आसान फॉर्मूला बताते हैं- ऐसे आहार का सेवन करें जिससे शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। हालांकि मिलावट के इस दौर में शुद्ध और पौष्टिक चीजों का सेवन मुश्किल हो गया है, लिहाजा लोगों में विटामिन्स-मिनरल्स की कमी की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं।
डॉक्टर कहते हैं, पोषक तत्वों की कमी के कई प्रकार के अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के नुकसान हो सकते हैं। शायद यही कारण है कि हाल के वर्षों में सप्लीमेंट्स की मांग तेजी से बढ़ी है।
सप्लीमेंट्स का मतलब, दवाओं के माध्यम से विटामिन्स-मिनरल्स की पूर्ति करना। पर क्या आप जानते हैं कि ये सप्लीमेंट्स सभी के लिए फायदेमंद नहीं हैं। यदि आप बिना डॉक्टरी सलाह या जांच के, सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं और शरीर में इसकी अधिकता हो जाती है तो इसके कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं। यहां तक कि ये आपको हार्ट का मरीज भी बना सकती है। सप्लीमेंट्स का अत्यधिक हो सकता है नुकसानदायक
कई अध्ययन बताते हैं कि सप्लीमेंट्स का अत्यधिक सेवन शरीर के कई अंगों के लिए समस्याएं बढ़ाने वाला हो सकता है। इससे हृदय रोगों की आशंका भी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि किन सप्लीमेंट्स की अधिकता के कारण शरीर को किस तरह से नुकसान होने का खतरा रहता है। अगली बार इन सप्लीमेंट्स को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लीजिए। विटामिन-डी और इसकी अधिकता के नुकसान
विटामिन-डी हड्डियों, प्रतिरक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी में घुलनशील विटामिन्स के विपरीत, विटामिन-डी वसा में घुलनशील होता है। इसका मतलब है कि यह आपके शरीर में जमा हो सकता है और इसकी अधिकता होने पर शरीर के लिए दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। अगर आप लगातार इसका अधिक मात्रा में सेवन (प्रतिदिन 10,000 IU से अधिक) कर रहे हैं तो इससे रक्त में कैल्शियम के स्तर बढ़ सकता है।
ये स्थिति समय के साथ, आपकी धमनियों को कठोर बना देती है जिससे दिल को रक्त पंप करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसका हृदय स्वास्थ्य पर कई प्रकार के गंभीर असर हो सकता है। सप्लीमेंट्स का ओवरडोज हड्डियों-मांसपेशियों की मजबूती के लिए पोटैशियम महत्वपूर्ण है, कई सप्लीमेंट्स में ये भरपूर मात्रा में पाया जाता है। हालांकि लंबे समय तक बिना शरीर की जांच के इसका सेवन किया जाए तो इसके कारण आपको हाइपरकेलेमिया का जोखिम होता है, जो घातक हो सकता है।
सप्लीमेंट आमतौर पर 99 मिलीग्राम या 500 मिलीग्राम की गोलियों में आते हैं। कई उच्च खुराक वाली गोलियां लेने से आपके सीरम पोटैशियम का स्तर बहुत बढ़ सकता है। हाइपरकेलेमिया के कारण ब्रैडीकार्डिया (दिल की धड़कन धीमा होने) का खतरा रहता है जो काफी खतरनाक है। ओमेगा-3 फैटी एसिड कई प्रकार से आपकी सेहत के लिए जरूरी है, ये हृदय रोगों से बचाने, एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बढ़ाने में मददगार माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक ओमेगा-3 फैटी एसिड सप्लीमेंट्स का सेवन खून को बहुत पतला करके रक्तस्राव का जोखिम बढ़ देता है।
दुर्लभ मामलों में, इस पोषक तत्व की अधिकता एट्रियल फेब्रिलेशन का कारण बन सकती है जिसमें दिल की धड़कन नियमित होने लगती है और इससे हार्ट स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। इसलिए प्रतिदिन 1-2 ग्राम से अधिक मात्रा में इस पोषक तत्व का सेवन नहीं किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सप्लीमेंट आपके लिए मददगार माने जाते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने से आपको नुकसान भी कर सकते हैं। इसलिए सोच-समझकर, सही मात्रा में और डॉक्टर की सलाह के साथ ही कोई भी सप्लीमेंट लें।
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