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लाइफ स्टाइल
सिर्फ बॉडीबिल्डर के लिए ही नहीं, बल्कि हर इंसान के लिए जरूरी है प्रोटीन
SHIDDHANT
30 Dec 2025 8:43 PM IST

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Delhi दिल्ली। अक्सर लोग सोचते हैं कि प्रोटीन सिर्फ बॉडीबिल्डर्स या जिम जाने वालों के लिए जरूरी है, लेकिन सच ये है कि यह हर इंसान के लिए जरूरी है, चाहे आप जिम में जाएं या न जाएं। प्रोटीन हमारे शरीर की हर छोटी-बड़ी चीज में काम आता है। हमारी मांसपेशियां, बाल, त्वचा, नाखून, हार्मोन, एंजाइम और इम्यूनिटी सब कुछ प्रोटीन पर निर्भर करता है। आम भाषा में कहें तो प्रोटीन हमारे शरीर की मरम्मत और निर्माण की फैक्ट्री है। जब हमारा शरीर टूटता है या किसी चोट से घायल होता है तब प्रोटीन ही उसे रिपेयर करता है। इसी वजह से डॉक्टर बीमारी, सर्जरी या चोट के बाद हमेशा हाई प्रोटीन डाइट की सलाह देते हैं।
सामान्य तौर पर रोजाना, एक सामान्य वयस्क को अपने वजन के हर किलो पर लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन चाहिए। अगर आप एक्टिव हैं या एक्सरसाइज करते हैं तो यह 1.2 से 1.5 ग्राम तक बढ़ सकता है। बुजुर्ग या रिकवरी में रहने वाले लोगों के लिए यह 1.0 से 1.2 ग्राम के बीच होना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आपका वजन 60 किलो है तो रोजाना आपको लगभग 48 से 60 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। यह जितना मुश्किल लगता है, उतना नहीं है, क्योंकि हमें प्रोटीन हमारी रोजमर्रा की खाने की चीजों से भी मिल सकता है, जैसे सोयाबीन, मूंगफली, दालें, राजमा, पनीर, बादाम और छोले।
अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाए तो इसके लक्षण धीरे-धीरे नजर आने लगते हैं। मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जल्दी थकान आती है, बाल झड़ने लगते हैं और त्वचा ढीली पड़ जाती है। बच्चों में ग्रोथ रुक सकती है और बुजुर्गों में गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, बार-बार इंफेक्शन होना या घाव देर से भरना भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। लंबी अवधि में यह स्थिति सार्कोपेनिया और प्रोटीन एनर्जी मलन्यूट्रिशन जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकती है।
सिर्फ प्रोटीन खाना ही काफी नहीं है। प्रोटीन को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। साथ ही कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट भी डाइट में होना चाहिए। शाकाहारी लोगों के लिए यह ध्यान रखना और भी जरूरी है कि दाल और चावल या गेहूं और चने को मिलाकर खाएं, ताकि आपका शरीर सभी आवश्यक अमीनो एसिड ले सके, और इसे कम्पलीट प्रोटीन कहा जाता है। इसके अलावा, दालों और बीजों को रात भर भिगोकर या अंकुरित करके खाने से उनका प्रोटीन आसानी से अवशोषित हो जाता है।
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