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पारिजात के पौधे पर आएंगे ढेरों फूल, बस अपनाएं ये आसान उपाय

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 4:38 PM IST
पारिजात के पौधे पर आएंगे ढेरों फूल, बस अपनाएं ये आसान उपाय
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Parijat Plant Care Tips: घर के आंगन, छत या बालकनी में पारिजात का पौधा लगाना कई लोगों को पसंद होता है। पारिजात को हरसिंगार और रात की रानी से अलग पहचान रखने वाले नाइट फ्लावरिंग जैस्मिन के नाम से भी जाना जाता है। इसके छोटे सफेद फूल और नारंगी रंग की डंडी बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं। रात में खिलने वाले इन फूलों की खुशबू पूरे वातावरण को महका देती है। लेकिन कई बार अच्छी देखभाल करने के बावजूद पारिजात के पौधे में फूल नहीं आते। कुछ लोगों की शिकायत होती है कि पौधे में कलियां तो लगती हैं, लेकिन खिलने से पहले ही झड़ जाती हैं।
गार्डनिंग एक्सपर्ट चेतना भल्ला के पौधों की देखभाल संबंधी सुझावों की चर्चा के बीच यह जानना उपयोगी है कि पारिजात को स्वस्थ रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। बागवानी संबंधी जानकारियों के अनुसार, पारिजात में फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए सही धूप, संतुलित पानी, उपयुक्त मिट्टी और समय पर छंटाई बेहद जरूरी हैं। आइए जानते हैं कि इस पौधे की देखभाल कैसे करें।
पारिजात के पौधे को कितनी धूप चाहिए?
पारिजात के पौधे में फूल कम आने का एक प्रमुख कारण पर्याप्त धूप नहीं मिलना हो सकता है। कई लोग पौधे को घर के ऐसे कोने में रख देते हैं, जहां दिनभर छाया बनी रहती है। इससे पौधा हरा-भरा तो दिखाई दे सकता है, लेकिन फूल कम खिलते हैं।पारिजात को सामान्यतः प्रतिदिन लगभग पांच से छह घंटे अच्छी धूप मिलने से फायदा होता है। गमले में लगे पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां सुबह की धूप आसानी से पहुंच सके।हालांकि, भीषण गर्मी वाले इलाकों में दोपहर की अत्यधिक तेज धूप से छोटे पौधों को बचाना आवश्यक हो सकता है। मौसम के अनुसार पौधे की जगह तय करने से उसकी बढ़वार बेहतर हो सकती है।
कलियां खिलने से पहले क्यों झड़ जाती हैं?
पारिजात की कलियां गिरने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें मिट्टी का अत्यधिक सूखना, जड़ों के आसपास पानी जमा होना, मौसम में अचानक बदलाव और पोषक तत्वों का असंतुलन शामिल हैं।कई बार पौधे में छोटी-छोटी कलियां दिखाई देती हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद वे पीली या काली पड़कर गिरने लगती हैं। ऐसी स्थिति में सबसे पहले पौधे की मिट्टी और पानी देने के तरीके की जांच करनी चाहिए।यदि गमले की मिट्टी लगातार गीली रहती है, तो जड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिल पाती। इससे पौधे की सेहत प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, लंबे समय तक पानी नहीं मिलने से भी पौधा तनाव में आ जाता है और कलियां गिर सकती हैं।पानी की मात्रा संतुलित रखना इस समस्या से बचने का महत्वपूर्ण उपाय है।
पानी देते समय न करें ये गलती
पारिजात के पौधे में रोजाना बिना जरूरत पानी डालना सही नहीं है। पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत को छूकर देखना चाहिए।यदि मिट्टी में पर्याप्त नमी है, तो पानी देने के लिए कुछ समय इंतजार किया जा सकता है। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखने लगे, तब पौधे को आवश्यकता के अनुसार पानी देना चाहिए।गमले में पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद होना भी जरूरी है। यदि गमले में पानी भरा रहता है, तो जड़ों के सड़ने और पत्तियों के पीले पड़ने की समस्या हो सकती है।पानी देते समय यह भी ध्यान रखें कि मिट्टी अच्छी तरह नम हो जाए, लेकिन उसमें लंबे समय तक जलभराव न रहे।
कैसी मिट्टी में अच्छे फूल देता है पारिजात?
पारिजात के पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए ऐसी मिट्टी उपयोगी रहती है, जिसमें पानी आसानी से निकल सके।गमले में सामान्य बगीचे की मिट्टी के साथ अच्छी तरह तैयार कंपोस्ट या वर्मीकंपोस्ट मिलाया जा सकता है। मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार मोटी रेत या कोकोपीट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।इससे जड़ों के आसपास हवा का आवागमन बना रहता है और पानी जमा होने की समस्या कम होती है।यदि मिट्टी बहुत कठोर हो गई है, तो उसकी ऊपरी सतह को सावधानीपूर्वक हल्का ढीला किया जा सकता है। हालांकि, ऐसा करते समय पौधे की जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
ज्यादा फूलों के लिए कौन-सी खाद डालें?
पारिजात के पौधे में फूल बढ़ाने के लिए संतुलित पोषण जरूरी है। इसके लिए अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या वर्मीकंपोस्ट का सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।ध्यान रखें कि अधिक खाद डालने से फूलों की संख्या बढ़ना निश्चित नहीं है। जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन मिलने पर कुछ पौधों में पत्तियों की बढ़वार तेज हो सकती है, जबकि फूल कम बनते हैं।इसलिए पौधे की स्थिति, गमले के आकार और मिट्टी की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर ही खाद देनी चाहिए।बिना मिट्टी की जांच किए किसी रसायन या घरेलू घोल का अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
समय पर छंटाई करना भी है जरूरी
पारिजात का पौधा बड़ा होने पर उसकी शाखाएं कई दिशाओं में फैलने लगती हैं। कुछ शाखाएं सूख जाती हैं, जबकि कुछ कमजोर और अनावश्यक रूप से लंबी हो जाती हैंऐसी शाखाओं की सावधानीपूर्वक छंटाई करने से पौधे को व्यवस्थित आकार देने में मदद मिलती है।छंटाई के लिए फूलों का मुख्य मौसम समाप्त होने के बाद का समय चुनना बेहतर रहता है। जब पौधे पर नई कलियां बनने लगी हों, तब बार-बार शाखाओं को काटने से फूलों की संख्या कम हो सकती है।छंटाई करते समय साफ और धारदार उपकरणों का उपयोग करना चाहिए, ताकि शाखाओं को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे।
रात में खिलते हैं पारिजात के फूल
पारिजात के पौधे की सबसे विशेष बात यह है कि इसके फूल सामान्यतः रात में खिलते हैं और सुबह जमीन पर गिर जाते हैं।बहुत से लोग सुबह गमले के नीचे फूल देखकर समझते हैं कि पौधे में कोई बीमारी है। हालांकि, पूरी तरह खिलने के बाद फूलों का सुबह गिरना पारिजात की प्राकृतिक विशेषता है।लेकिन यदि बंद कलियां काली पड़कर गिर रही हैं, तो यह देखभाल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए खिले हुए फूलों के गिरने और बिना खिले कलियों के झड़ने में अंतर समझना आवश्यक है।
मौसम बदलने पर रखें विशेष ध्यान
पारिजात में फूल आने का संबंध मौसम और दिन-रात की अवधि से भी होता है। दिन छोटे और रातें लंबी होने के दौरान इसकी पुष्पन प्रक्रिया सक्रिय हो सकती है।इसलिए केवल खाद डालने से ही पौधे पर फूल आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी, उपयुक्त मौसम और संतुलित सिंचाई भी आवश्यक हैं।कुछ बागवानी रिपोर्टों के मुताबिक, रात में लगातार तेज कृत्रिम रोशनी पड़ने से भी पारिजात के फूल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पौधे को यथासंभव प्राकृतिक दिन-रात का वातावरण मिलना चाहिए।
यदि आपके घर में पारिजात का पौधा है और उसमें फूल कम आ रहे हैं, तो सबसे पहले धूप, पानी और मिट्टी की स्थिति की जांच करें। नियमित देखभाल, संतुलित पोषण और सही समय पर छंटाई से पौधे को स्वस्थ रखने तथा फूलों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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