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Life Style लाइफ स्टाइल। स्ट्रॉबेरी अपने चमकदार लाल रंग, मीठे-खट्टे स्वाद और आकर्षक रूप के कारण दुनिया भर में पसंद किया जाने वाला फल है। इसका इस्तेमाल शेक, केक, जैम, डेजर्ट और कई तरह की मिठाइयों में किया जाता है। स्वाद के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी को पोषक तत्वों से भरपूर फल भी माना जाता है। इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि आजकल कई लोग बाजार से स्ट्रॉबेरी खरीदने के साथ-साथ इसे अपने घर में उगाने का भी शौक रखते हैं।
खास बात यह है कि स्ट्रॉबेरी उगाने के लिए आपके पास बहुत बड़ा खेत या बगीचा होना जरूरी नहीं है। इसे गमले, ग्रो बैग, कंटेनर या बालकनी में भी उगाया जा सकता है। अगर सही गमला, मिट्टी, धूप और पानी की व्यवस्था हो तो घर पर भी स्ट्रॉबेरी के पौधे अच्छी तरह विकसित हो सकते हैं।
सही समय पर करें स्ट्रॉबेरी की खेती
स्ट्रॉबेरी ठंडे मौसम में बेहतर विकसित होने वाला पौधा है। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से ठंड के मौसम में की जाती है। घर में गमले में लगाने के लिए भी मौसम का ध्यान रखना जरूरी है। बहुत ज्यादा गर्मी में पौधे को बढ़ने में परेशानी हो सकती है।
यदि आप घर पर स्ट्रॉबेरी उगाने की योजना बना रहे हैं तो नर्सरी से स्वस्थ पौधा या अच्छी गुणवत्ता वाले रनर लेना आसान विकल्प हो सकता है। बीज से पौधा तैयार करने में अधिक समय और देखभाल की जरूरत पड़ सकती है।
सही गमले का चुनाव जरूरी
स्ट्रॉबेरी के पौधे को बहुत बड़े गमले की जरूरत नहीं होती, लेकिन उसमें जड़ों के फैलने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। आप सामान्य गमले के अलावा ग्रो बैग, हैंगिंग पॉट या चौड़े कंटेनर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद जरूर होने चाहिए। अगर पानी गमले में जमा रहेगा तो जड़ों के सड़ने और पौधे को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अच्छी जल निकासी वाला कंटेनर चुनना बेहद जरूरी है।
मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
स्ट्रॉबेरी के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जो हल्की, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली हो। घर पर मिट्टी तैयार करते समय सामान्य गार्डन मिट्टी के साथ अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद और कोकोपीट जैसी सामग्री मिलाई जा सकती है।
मिट्टी बहुत ज्यादा भारी या पानी रोकने वाली नहीं होनी चाहिए। पौधे की जड़ों तक हवा पहुंचना भी जरूरी है। समय-समय पर मिट्टी की ऊपरी परत को हल्के हाथ से ढीला किया जा सकता है, लेकिन जड़ों को नुकसान से बचाना चाहिए।
पौधे को कितनी धूप चाहिए?
स्ट्रॉबेरी के पौधे को अच्छी रोशनी पसंद होती है। बालकनी में पौधा लगाते समय ऐसी जगह चुनें जहां उसे रोजाना पर्याप्त धूप मिल सके। सुबह की धूप पौधे के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, बहुत ज्यादा तेज और गर्म धूप में पौधे को नुकसान भी हो सकता है। यदि मौसम बेहद गर्म हो जाए तो पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे रोशनी मिले लेकिन दोपहर की अत्यधिक गर्मी से कुछ सुरक्षा मिल सके।
पानी देते समय रखें खास ध्यान
स्ट्रॉबेरी के पौधे को पानी की जरूरत होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। मिट्टी की ऊपरी सतह देखकर पानी दें। जब ऊपर की परत हल्की सूखी लगे, तब सिंचाई की जा सकती है।
पानी देते समय पत्तियों और फलों को लगातार गीला रखने के बजाय मिट्टी के पास पानी देना बेहतर होता है। इससे फंगल संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। गमले में पानी जमा न होने दें।
फूल आने के बाद क्या करें?
पौधे पर फूल आने के बाद थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। फूलों को पर्याप्त रोशनी और पौधे को संतुलित पोषण मिलना चाहिए। इस दौरान अत्यधिक खाद देने से बचें और पौधे की स्थिति के अनुसार जैविक खाद का इस्तेमाल करें।
जब फल बनने लगें तो उन्हें सीधे गीली मिट्टी के संपर्क में आने से बचाना भी जरूरी है। इसके लिए पौधे के आसपास सूखी घास, कोकोपीट या उपयुक्त मल्चिंग सामग्री की हल्की परत बिछाई जा सकती है।
स्ट्रॉबेरी को कीटों से बचाएं
घर में उगाए गए पौधों पर भी एफिड्स, माइट्स और दूसरे छोटे कीटों का हमला हो सकता है। इसलिए पौधे की पत्तियों को समय-समय पर ध्यान से देखें। अगर पत्तियों पर कीड़े, चिपचिपापन, धब्बे या असामान्य बदलाव दिखाई दें तो तुरंत पौधे की जांच करें।
शुरुआती स्तर पर प्रभावित पत्तियों को हटाना और पौधे की सफाई रखना मददगार हो सकता है। किसी भी जैविक या रासायनिक उपचार का इस्तेमाल करने से पहले उसके सही उपयोग और मात्रा की जानकारी जरूर लें।
फल कब तोड़ें?
स्ट्रॉबेरी का फल जब पूरी तरह लाल हो जाए और अच्छी तरह विकसित दिखाई दे, तब उसे तोड़ना बेहतर रहता है। फल को तोड़ते समय पौधे और आसपास के दूसरे फलों को नुकसान न पहुंचाएं।
घर में उगाई गई स्ट्रॉबेरी की सबसे खास बात यही है कि आप जरूरत के मुताबिक ताजा फल तोड़कर खा सकते हैं। अच्छी देखभाल के साथ एक पौधा कई बार फल दे सकता है, हालांकि उत्पादन मौसम, किस्म, पौधे की गुणवत्ता और देखभाल पर निर्भर करता है।
छोटी जगह में भी संभव है स्ट्रॉबेरी की बागवानी
अगर आपके घर में बड़ा गार्डन नहीं है तो भी स्ट्रॉबेरी उगाने का शौक पूरा किया जा सकता है। बालकनी, छत या खिड़की के पास उपलब्ध उपयुक्त जगह में कंटेनर रखकर पौधा लगाया जा सकता है। सही मौसम, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त रोशनी और संतुलित पानी इसकी अच्छी ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इस तरह थोड़ी सी मेहनत और नियमित देखभाल के साथ आप घर के गमले में भी स्ट्रॉबेरी उगा सकते हैं। बाजार से खरीदकर खाने के बजाय अपने घर में उगाए ताजे फलों को तोड़ने का अनुभव न केवल दिलचस्प है, बल्कि घर की बागवानी को भी एक नया रंग देता है।
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