भारत
इंजीनियर की आत्महत्या से जुड़ा मामला फिर चर्चा में, ज्ञानेश कुमार की बढ़ेंगी मुश्किलें?
jantaserishta.com
4 Oct 2026 3:37 PM IST

x
सांकेतिक तस्वीर (AI)
गृह मंत्री ने जांच को लेकर क्या कहा?
नई दिल्ली: केरल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े एक पुराने मामले को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। दी गई जानकारी के मुताबिक, केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को साल 2006 के एक मामले की दोबारा विजिलेंस जांच कराने के आदेश दिए हैं। यह मामला एक मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सड़क परियोजना का भुगतान जारी करने के बदले तत्कालीन लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव ज्ञानेश कुमार ने रिश्वत मांगी थी। हालांकि, ये आरोप हैं और जांच के आदेश दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं।
क्या था 215 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना का मामला?
यह मामला केरल में अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक जाने वाले एमसी रोड के उन्नयन से जुड़ा है। साल 2006 के दौरान इस सड़क को बेहतर बनाने का काम चल रहा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना की लागत करीब 215 करोड़ रुपये थी और इसके लिए विश्व बैंक से आर्थिक सहायता मिली थी।
इस परियोजना को केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत आगे बढ़ाया जा रहा था। मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन भी इससे जुड़े कंसोर्टियम PATI-BEL के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी आत्महत्या का मामला सामने आया, जिसके बाद परियोजना और भुगतान से संबंधित आरोपों की चर्चा हुई।
रिश्वत मांगने की शिकायत में क्या कहा गया था?
शिकायत के मुताबिक, ली सी बीन ने आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण के काम का भुगतान जारी करने के बदले उनसे रिश्वत मांगी गई थी। उस समय ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसी वजह से उनका नाम इस पुराने मामले से जुड़ा बताया गया।
मामले में उस समय केरल के विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने शुरुआती जांच की थी। अब गृह मंत्री ने कथित तौर पर जांच में बाहरी दबाव की शिकायत मिलने के बाद पुरानी फाइलों की दोबारा जांच कराने का फैसला किया है। नई जांच में आरोपों, पुराने रिकॉर्ड और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
गृह मंत्री ने जांच को लेकर क्या कहा?
रमेश चेन्निथला के मुताबिक, उन्हें शिकायत मिली थी कि साल 2006 में हुई विजिलेंस जांच बाहरी दबाव से प्रभावित हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर उन्होंने मामले को फिर से देखने के निर्देश दिए। अब विजिलेंस विभाग पूरे प्रकरण की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले में जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पुरानी शिकायत में कितनी सच्चाई है और पहले की जांच में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं। फिलहाल आरोपों और जांच के आदेशों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
SIR विवाद के बीच फिर चर्चा में चुनाव आयोग
ज्ञानेश कुमार का नाम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में भी सामने आ रहा है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों पर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर कथित आपत्तियों को लेकर भी रिपोर्ट सामने आई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हालांकि, केरल के पुराने मामले और SIR विवाद को अलग-अलग मुद्दों के रूप में देखना चाहिए। फिलहाल सबकी नजर विजिलेंस जांच पर रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही पता चलेगा कि 2006 के इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





