लाइफ स्टाइल

Gas and heart attack: दर्द और लक्षणों के बीच अंतर जानें और भ्रम से बचें

Sarita
19 Oct 2025 6:57 AM IST
Gas and heart attack: दर्द और लक्षणों के बीच अंतर जानें और भ्रम से बचें
x
Gas and heart attack: हम में से अधिकांश ने कभी न कभी सीने में जलन, दर्द या भारीपन महसूस किया होगा। कई बार यह सिर्फ गैस की वजह से होता है, तो कभी डर लगता है कि कहीं यह हार्ट अटैक तो नहीं। असल में गैस और हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण कई मामलों में मिलते-जुलते होते हैं। यही कारण है कि लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं और सही समय पर जरूरी इलाज नहीं कर पाते।
गैस की समस्या सामान्यतः पेट से जुड़ी होती है और ज्यादा गंभीर नहीं होती, जबकि हार्ट अटैक एक आपातकालीन मेडिकल स्थिति है, जिसमें देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि गैस का दर्द और हार्ट अटैक का दर्द किस प्रकार अलग होता है और किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
1. दर्द का स्थान और प्रकार
गैस का दर्द: गैस का दर्द आमतौर पर पेट के ऊपरी हिस्से या सीने के निचले हिस्से में महसूस होता है। यह जलन, चुभन या ऐंठन जैसा होता है। शरीर की स्थिति बदलने पर यह दर्द हल्का हो सकता है या अपनी जगह बदल सकता है। इसके साथ पेट फूलना, डकार आना और मलत्याग के बाद आराम मिलना आम लक्षण हैं।
हार्ट अटैक का दर्द: हार्ट अटैक का दर्द सीने के बीचों-बीच भारीपन, दबाव या कसाव जैसा महसूस होता है, जैसे कोई भारी वस्तु दिल पर दबा रही हो। यह अक्सर बाएं हाथ, जबड़ा, गर्दन या पीठ की ओर फैलता है। खास बात यह है कि शरीर की स्थिति बदलने या डकार लेने से इसमें कोई राहत नहीं मिलती।
2. दर्द की अवधि और राहत
गैस: यह दर्द कुछ मिनटों से लेकर 1-2 घंटे तक रह सकता है। गैस निकलने या मलत्याग होने पर दर्द में राहत मिल जाती है। दर्द अक्सर टुकड़ों में आता और चला जाता है।
हार्ट अटैक: हार्ट अटैक का दर्द लगातार 15-20 मिनट या उससे अधिक समय तक बना रहता है। आराम देने पर भी इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता। यह लगातार बना रहता है और बढ़ सकता है, जो गंभीर खतरे का संकेत है।
3. लक्षणों में अंतर
गैस: पेट फूलना, गड़गड़ाहट, डकार और हल्की बेचैनी। आमतौर पर पसीना नहीं आता और चक्कर नहीं आते।
हार्ट अटैक: ठंडा पसीना, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर, मतली, कमजोरी और कुछ मामलों में बेहोशी। महिलाओं में पेट दर्द, असामान्य थकान और सिरदर्द जैसे अलग लक्षण भी देखे जा सकते हैं।
बचाव और सावधानियां
गैस से बचाव:
- एक बार में ज्यादा भोजन न करें।
- बीन्स, कोला और मसालेदार भोजन से परहेज करें।
- समय पर और धीरे-धीरे खाएं।
- तनाव कम करें।
हार्ट अटैक से बचाव:
- रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
- धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
- वजन नियंत्रित रखें।
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।
- तनाव कम करें, पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी लें।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
यदि सीने में भारी दबाव हो, दर्द बाएं हाथ, जबड़े या पीठ में फैल रहा हो, सांस लेने में कठिनाई हो, ठंडा पसीना आ रहा हो या चक्कर महसूस हो रहे हों, तो तुरंत एम्बुलेंस कॉल करें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें। समय पर इलाज हार्ट को गंभीर नुकसान से बचा सकता है।
गैस के दर्द में आमतौर पर आपातकालीन इलाज की जरूरत नहीं होती, लेकिन यदि दर्द लगातार हो, बहुत तेज हो, उल्टी या बुखार के साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
Next Story