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लाइफ स्टाइल
प्रदूषण में बाहर व्यायाम करना मुश्किल? घर पर आजमाएं ये पाँच योगासन
nidhi
24 Oct 2026 7:59 AM IST

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लाइफस्टाइल : बाहर की हवा खराब होने पर फिटनेस की दिनचर्या बनाए रखना चुनौती बन सकता है। ऐसे समय घर के भीतर हल्का योग शारीरिक गतिविधि जारी रखने का विकल्प है। नियमित और सही तरीके से किया गया योग संतुलन, लचीलेपन तथा तनाव प्रबंधन में मदद कर सकता है। हालांकि, योग प्रदूषण से हुए नुकसान का इलाज या उससे सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
घर पर अभ्यास के लिए अपनी क्षमता के अनुसार ये पाँच आसन चुने जा सकते हैं। शुरुआत धीरे करें और सांस सामान्य रखें।
ताड़ासन
सीधे खड़े होकर दोनों पैरों पर वजन बराबर रखें। हाथ धीरे-धीरे ऊपर उठाकर शरीर को आराम से लंबा खींचें। शुरुआत में एड़ियां जमीन पर रखें। कमर पीछे झुकाने या शरीर पर जरूरत से अधिक खिंचाव डालने से बचें।
वृक्षासन
दीवार के पास खड़े होकर एक पैर पर संतुलन बनाएं। दूसरे पैर का तलवा सहारा देने वाले पैर की पिंडली या जांघ पर रखें। तलवा सीधे घुटने पर न दबाएं। संतुलन मुश्किल लगे तो दीवार का सहारा लें।
भुजंगासन
पेट के बल लेटकर हथेलियां कंधों के पास रखें। कोहनियां शरीर के करीब रखते हुए छाती को हल्का ऊपर उठाएं। हाथों के बल धक्का देकर कमर को ज्यादा न मोड़ें। गर्दन सहज स्थिति में रखें।
शशांकासन
घुटनों के बल बैठकर शरीर को धीरे आगे झुकाएं और हाथ आगे फैलाएं। जितना आराम से संभव हो उतना ही झुकें। घुटने में दर्द या बैठने में परेशानी हो तो यह आसन छोड़ दें।
सेतुबंधासन
पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें और पैर जमीन पर रखें। कूल्हों को धीरे ऊपर उठाएं, फिर नियंत्रित तरीके से नीचे लाएं। गर्दन पर दबाव न डालें और आसन के दौरान सिर न घुमाएं। ये आसन आयुष मंत्रालय के सामान्य योग अभ्यासों में शामिल हैं।
घर की हवा का भी रखें ध्यान
घर के भीतर भी बाहरी प्रदूषण और धुआं मौजूद हो सकता है। अभ्यास की जगह पर धूम्रपान, अगरबत्ती, मोमबत्ती और खाना पकाने का धुआं कम रखें। बाहर की हवा खराब होने पर केवल खिड़की खोल देने को साफ हवा की गारंटी न मानें।
दर्द, चक्कर या सांस फूलने पर अभ्यास रोक दें। गर्भावस्था, हाल की सर्जरी, पुरानी चोट या हृदय और सांस की बीमारी में आसनों का चयन डॉक्टर तथा प्रशिक्षित योग शिक्षक की सलाह से करें। नए अभ्यासियों के लिए सही मुद्रा सीखना जरूरी है।
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