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आकर्ण धनुरासन: तन और मन की शक्ति बढ़ाने वाला योगासन, जान लें अभ्यास का तरीका
jantaserishta.com
8 Feb 2026 9:29 AM IST

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नई दिल्ली: आज के अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान की वजह से शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझने की चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच अगर हम योगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो काफी हद तक इन समस्याओं से बचा जा सकता है। तन और मन की शक्ति बढ़ाने वाले ऐसे ही एक योगासन का नाम आकर्ण धनुरासन है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आकर्ण धनुरासन को एक विशेष योग मुद्रा के रूप में उजागर किया है। मंत्रालय के अनुसार, यह आसन केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर में संतुलन और शक्ति का संचार करता है। नाम के अनुरूप, यह मुद्रा साधक को एक लक्ष्य साधने वाले धनुर्धर की तरह एकाग्र, सुदृढ़ और मजबूत बनाती है।
आकर्ण धनुरासन योग की एक उन्नत मुद्रा है, जिसमें शरीर धनुष की तरह मुड़ता है और हाथ तीर चलाने की स्थिति में आते हैं। यह आसन शरीर को लचीलापन, मांसपेशियों की मजबूती और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में बेहद प्रभावी माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर के साथ मन भी सेहतमंद रहता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। दाएं हाथ से दाएं पैर के बड़े अंगूठे को पकड़ें और बाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को। गहरी सांस लेते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर खींचें। साथ ही सिर और छाती को भी जितना संभव हो उतना ऊपर उठाएं। इस दौरान शरीर एक धनुष की तरह मुड़ जाता है। इस स्थिति को 15 से 30 सेकंड तक बनाए रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। अभ्यास पूरा होने पर धीरे-धीरे पैर और सिर को नीचे लाएं। फिर यही क्रिया दोहराएं।
आकर्ण धनुरासन के नियमित अभ्यास से पीठ, कंधे और छाती की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। रीढ़ की हड्डी लचीली और स्वस्थ बनी रहती है, जिससे पीठ दर्द में काफी राहत मिलती है। पेट के अंगों पर पड़ने वाले दबाव से पाचन क्रिया सुधरती है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। पैरों, जांघों और कूल्हों की मांसपेशियां खिंचती हैं। यह आसन संतुलन और एकाग्रता को भी बेहतर बनाता है। मानसिक स्तर पर यह मुद्रा आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करती है।
एक्सपर्ट के अनुसार, आकर्ण धनुरासन शरीर और मन दोनों में संतुलन स्थापित करने वाला एक शक्तिशाली योगासन है, जो योग साधकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होता है। हालांकि, शुरुआत में लोगों को किसी योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही यह आसन करना चाहिए। आसन के अभ्यास के दौरान शरीर पर किसी तरह का दबाव नहीं डालना चाहिए।
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