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सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल, साथ दिखे अखिलेश-तेजस्वी
Ashish verma
12 Oct 2026 6:56 PM IST

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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के मार्च के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के 10 से 15 लोगों के प्रतिनिधिमंडल को परिसर के भीतर फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति दी है। प्रतिनिधिमंडल अपनी याचिका दाखिल करने के लिए काउंटर तक जा सकेगा, लेकिन हाई-सिक्योरिटी जोन के बाहर रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अन्य विपक्षी नेता शामिल हैं।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पहले से तय सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू किया। बड़ी संख्या में विपक्षी नेता अदालत की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मार्च में कांग्रेस के साथ राजद और समाजवादी पार्टी के नेताओं की मौजूदगी भी सामने आई है। विपक्ष के इस कार्यक्रम में सड़क पर विरोध और अदालत में याचिका प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, दोनों पहलू शामिल हैं।
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को मिली अनुमति सीमित है। 10 से 15 लोगों को परिसर के भीतर बने फाइलिंग काउंटर तक जाने की इजाजत दी गई है। इसके साथ यह स्पष्ट किया गया है कि प्रतिनिधिमंडल हाई-सिक्योरिटी जोन के बाहर रहेगा। इसलिए अनुमति को पूरे मार्च या उसमें शामिल सभी नेताओं के परिसर में प्रवेश की मंजूरी नहीं माना जा सकता। सामने आई जानकारी केवल निर्धारित प्रतिनिधिमंडल और फाइलिंग काउंटर तक उसकी पहुंच से संबंधित है।
फाइलिंग काउंटर तक पहुंचने का उद्देश्य याचिका दाखिल करना है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल इसी प्रक्रिया के लिए परिसर में जा सकेगा। हालांकि, याचिका की पूरी सामग्री, उसमें रखे गए आधार और अदालत से मांगी गई विशेष राहत का ब्योरा नहीं दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध का उल्लेख है, लेकिन याचिका के कानूनी तर्क सामने नहीं आए हैं। इसलिए उसमें किसी खास मांग या दस्तावेज के शामिल होने का दावा नहीं किया जा सकता।
मार्च की अगुवाई राहुल गांधी कर रहे हैं। प्रियंका गांधी भी उनके साथ हैं। इसके अलावा राजद नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी विपक्षी नेताओं के साथ शामिल हैं। इन नामों से कार्यक्रम में कई दलों के नेताओं की मौजूदगी स्पष्ट होती है। हालांकि, सभी प्रतिभागियों की सूची और मार्च में शामिल लोगों की कुल संख्या उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित इस विरोध में विपक्षी गठबंधन के नेता साथ दिखाई दे रहे हैं। लेकिन साझा जानकारी में प्रत्येक नेता का अलग बयान शामिल नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान क्या कहा और किन शब्दों में अपनी मांग रखी, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी नेता के नाम से अतिरिक्त टिप्पणी जोड़ना उचित नहीं होगा। फिलहाल उनकी भागीदारी और सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन ही सामने आए प्रमुख तथ्य हैं।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च और परिसर में याचिका दाखिल करने के लिए प्रवेश, अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मार्च में बड़ी संख्या में विपक्षी नेता शामिल हैं, जबकि फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति कांग्रेस के सीमित प्रतिनिधिमंडल को मिली है। यह अंतर घटनाक्रम को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि प्रतिनिधिमंडल के अंतिम सदस्य कौन होंगे। इसलिए मार्च में शामिल सभी प्रमुख नेताओं को प्रतिनिधिमंडल का सदस्य मान लेना सही नहीं होगा।
प्रतिनिधिमंडल को हाई-सिक्योरिटी जोन के बाहर रहने की शर्त के साथ अनुमति मिली है। इसका अर्थ है कि उसका प्रवेश याचिका जमा करने के निर्धारित स्थान तक सीमित रहेगा। किसी न्यायाधीश से मुलाकात या अन्य हिस्से में प्रवेश की अनुमति का उल्लेख नहीं है। इसी तरह अदालत में तत्काल सुनवाई होने की जानकारी भी नहीं दी गई है। काउंटर तक जाने की मंजूरी को याचिका पर न्यायिक निर्णय या आरोपों पर अदालत की सहमति के रूप में नहीं देखा जा सकता।
अभी सामने आए विवरण में याचिका दाखिल करने की अनुमति दी जाने की स्थिति है। दस्तावेज जमा हो चुके हैं या उनकी जांच पूरी हो गई है, इसकी पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। इसलिए अनुमति मिलने और याचिका दाखिल हो जाने को एक ही घटनाक्रम नहीं माना जाना चाहिए। सुनवाई की तारीख, मामला सूचीबद्ध होने या किसी पक्ष को नोटिस जारी होने का ब्योरा भी उपलब्ध नहीं है। आगे की न्यायिक स्थिति संबंधित जानकारी सामने आने पर स्पष्ट होगी।
मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात परिवर्तन या रास्ते में हुई किसी अन्य घटना का विवरण साझा सामग्री में नहीं दिया गया है। इसलिए सड़क बंद होने, नेताओं को रोके जाने या किसी टकराव का दावा नहीं किया जा सकता। मुख्य चुनाव आयुक्त अथवा चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया भी उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है। खबर का केंद्र राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च, अन्य विपक्षी नेताओं की भागीदारी और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मिली सीमित अनुमति है।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव और रेवंत रेड्डी सहित विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के 10 से 15 लोगों को परिसर के भीतर फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति मिली है। प्रतिनिधिमंडल हाई-सिक्योरिटी जोन के बाहर रहकर याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। याचिका जमा होने और उसके बाद की न्यायिक कार्रवाई का विस्तृत विवरण अभी सामने आना बाकी है।
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