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PMSMA के 10 साल पूरे, नड्डा जारी करेंगे 75 रुपये का सिक्का और 5 रुपये का डाक टिकट

New Delhi: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मंगलवार से "PMSMA के 10 साल - देखभाल का एक दशक" मनाने के लिए देशव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगा। यह कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' (PMSMA) के सफल कार्यान्वयन के एक दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। PMSMA भारत की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित गर्भावस्था और स्वस्थ मातृत्व सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा करेंगे।
इन समारोहों के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जागरूकता और पहुंच बढ़ाने वाली गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को PMSMA के तहत उपलब्ध नौ निश्चित मुफ्त सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना और समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण प्रसव-पूर्व देखभाल (antenatal care) के महत्व को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री नड्डा ₹75 का एक विशेष स्मारक सिक्का और ₹5 का डाक टिकट जारी करेंगे। यह कदम सुरक्षित मातृत्व को आगे बढ़ाने और देश भर में मातृ स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूत करने में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के योगदान के एक दशक का सम्मान करने के लिए उठाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 9 जून, 2016 को शुरू की गई इस योजना ने हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को मुफ्त, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसव-पूर्व देखभाल (ANC) सेवाएं प्रदान करके मातृ और नवजात स्वास्थ्य देखभाल के परिदृश्य को बदलने में एक दशक बिताया है।
उत्कृष्टता के एक दशक (2016-26) को चिह्नित करते हुए, PMSMA भारत सरकार के 'कंटीन्यूम ऑफ केयर' (देखभाल की निरंतरता) दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह 'प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य' (RMNCH+A) रणनीति के तहत आता है और प्रसव-पूर्व देखभाल (ANC) की गुणवत्ता, कवरेज, निदान और परामर्श सेवाओं को बदलने के लिए समर्पित है। इस प्रकार, यह करोड़ों परिवारों को प्रभावित करता है और देश के मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) को काफी कम करता है।
यह कार्यक्रम निजी क्षेत्र के साथ जुड़ने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाता है। इसमें निजी चिकित्सकों को अभियान के लिए स्वेच्छा से काम करने के लिए प्रेरित करना, जागरूकता फैलाने की रणनीतियां विकसित करने में मदद करना और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में अभियान में भाग लेना शामिल है।
PMSMA, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 'प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य तथा पोषण' (RMNCAH+N) रणनीति के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है। इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में यह सुनिश्चित करना शामिल है कि हर गर्भवती महिला को दूसरी या तीसरी तिमाही के दौरान डॉक्टर या स्पेशलिस्ट से कम से कम एक बार जांच मिले; प्रसव-पूर्व जांच के दौरान देखभाल की गुणवत्ता में सुधार हो; हाई-रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) की शुरुआती चरण में पहचान और प्रबंधन हो; हर गर्भवती महिला के लिए सही प्रसव योजना और जटिलताओं से निपटने की तैयारी हो; कुपोषण से पीड़ित महिलाओं का सही प्रबंधन हो; और किशोर उम्र में होने वाली और कम उम्र की गर्भावस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।





