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स्मृति ईरानी के एक फैसले से नाराज हुए पिता जानें क्या था मामला
Ratna Netam
10 Sept 2026 5:59 PM IST

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नई दिल्ली। टीवी की दुनिया में ‘तुलसी विरानी’ के किरदार से घर-घर पहचान बनाने और बाद में राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल करने वाली स्मृति ईरानी की जिंदगी से जुड़े कई किस्से लोगों को मालूम हैं, लेकिन उनके करियर की शुरुआत से जुड़ा एक किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है। स्मृति ईरानी ने हालिया इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने परिवार को बिना बताए एक ऐसा फॉर्म भर दिया था, जिसके बाद उनके पिता बेहद नाराज हो गए थे। बात केवल डांट तक नहीं रुकी, स्मृति के मुताबिक उन्हें पिता से पिटाई भी पड़ी थी। वह फॉर्म था **Femina Miss India प्रतियोगिता का**।
स्मृति ने यह कहानी नाविका कुमार के शो ‘बातें दिल से’ में साझा की। उन्होंने बताया कि उस दौर में वह स्मृति मल्होत्रा थीं और एक पारंपरिक परिवार में पली-बढ़ी थीं। परिवार में महिलाओं के करियर को लेकर अपेक्षाएं भी अलग थीं। लेकिन एक घटना ने उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया और उसी के बाद उन्होंने चुपचाप मिस इंडिया के लिए आवेदन कर दिया।
अखबार में देखा विज्ञापन और चुपचाप भर दिया फॉर्म
स्मृति के मुताबिक उन्होंने अखबार में Femina Miss India प्रतियोगिता का विज्ञापन देखा था। इसके बाद उन्होंने अपनी एक तस्वीर खिंचवाई और आवेदन भेज दिया। घरवालों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
उस वक्त शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि यही छोटा-सा फैसला उनकी जिंदगी की दिशा बदलने वाले शुरुआती कदमों में शामिल हो जाएगा।
स्मृति ने बताया कि परिवार के कारोबार और उनके भविष्य को लेकर घर में एक बातचीत हुई थी। मुंबई के ठाणे इलाके में एक एजेंसी खरीदने की चर्चा के दौरान उनके काम को लेकर कही गई एक बात उन्हें पसंद नहीं आई। इससे उनके मन में यह भावना पैदा हुई कि अगर वह उसी व्यवस्था में काम करती रहीं तो शायद अपनी स्वतंत्र पहचान और सम्मान हासिल नहीं कर पाएंगी। इसी के बाद उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया।
उन्होंने Miss India का विज्ञापन देखा और बिना परिवार को बताए आवेदन कर दिया।
सिलेक्शन की खबर पहुंची तो पिता हुए नाराज
कहानी में असली मोड़ तब आया जब स्मृति का आवेदन सिर्फ फॉर्म तक सीमित नहीं रहा।
उनका चयन आगे के चरण के लिए हो गया और वह प्रतियोगिता की फाइनलिस्ट तक पहुंच गईं। स्मृति के मुताबिक जब उनके पिता को इस बारे में पता चला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
स्मृति ने इंटरव्यू में अपने पिता की नाराजगी को याद करते हुए बताया कि उन्हें खूब डांट पड़ी और पिटाई भी हुई। उनके पिता को ग्लैमर और मीडिया की दुनिया में बेटी का जाना पसंद नहीं था। उन्होंने स्मृति के फैसले और इस क्षेत्र में जाने को लेकर कई सवाल किए।
यानी जिस आवेदन को स्मृति ने अपने लिए नया रास्ता तलाशने के उद्देश्य से भेजा था, उसी ने घर के अंदर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
हर राउंड के बाद निकल जाती थीं स्मृति
Miss India प्रतियोगिता का उनका सफर भी काफी दिलचस्प रहा।
स्मृति ने बताया कि वह प्रतियोगिता के एक राउंड में हिस्सा लेने के बाद वहां से निकल जाती थीं। इसके बाद आयोजकों की तरफ से उन्हें फोन आता कि उनका चयन अगले राउंड के लिए हो गया है और उन्हें वापस आना होगा।
ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई राउंड तक हुआ।
एक के बाद एक चरण पार करते हुए वह फाइनलिस्ट बन गईं।
यह वही दौर था जब उनके सामने पहली बार ग्लैमर इंडस्ट्री की वास्तविकता भी आने लगी।
फाइनलिस्ट बनने के बाद सामने आई पैसे की चुनौती
Miss India के अंतिम चरणों तक पहुंचने के बाद स्मृति को अहसास हुआ कि ग्लैमर की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ प्रतिभा और आत्मविश्वास ही पर्याप्त नहीं है।
कपड़े, तैयारी और दूसरी जरूरतों के लिए पैसे भी चाहिए थे।
स्मृति ऐसे परिवार से आती थीं जहां आर्थिक परिस्थितियां आसान नहीं थीं। उन्होंने हालिया बातचीत में अपने बचपन की आर्थिक मुश्किलों का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक उनके पिता सड़क पर किताबें बेचते थे, जबकि उनकी मां होटल में हाउसकीपिंग का काम करने के साथ ट्यूशन भी पढ़ाती थीं। इन परिस्थितियों ने उनके भीतर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की मजबूत इच्छा पैदा की।
Miss India के दौरान जब पैसों की जरूरत सामने आई तो स्मृति एक बार फिर अपने पिता के पास पहुंचीं।
पिता से लिए पैसे लेकिन साथ में मिली शर्त
दिलचस्प बात यह है कि Miss India में जाने पर नाराज होने वाले पिता ने बाद में बेटी की आर्थिक मदद भी की।
स्मृति ने उनसे पैसे उधार मांगे और भरोसा दिलाया कि वह रकम वापस कर देंगी।
लेकिन पिता ने भी एक शर्त रख दी।
स्मृति के अनुसार उनके पिता ने कहा कि अगर वह उधार लिए पैसे वापस नहीं कर पाईं तो उनकी शादी पिता की पसंद के व्यक्ति से कर दी जाएगी।
यह शर्त सुनने में आज भले ही फिल्मी कहानी जैसी लगे, लेकिन स्मृति के लिए उस वक्त मामला उनके भविष्य और करियर का था।
उन्होंने जोखिम उठाया और आगे बढ़ीं।
Miss India नहीं जीतीं लेकिन जिंदगी का रास्ता बदल गया
स्मृति ईरानी Miss India का खिताब नहीं जीत पाईं, लेकिन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
इसके बाद उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में काम तलाशना शुरू किया।
शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। मॉडलिंग और छोटे कामों के बाद वह टेलीविजन की दुनिया तक पहुंचीं।
फिर वह मौका आया जिसने स्मृति ईरानी को देश के सबसे लोकप्रिय टीवी चेहरों में शामिल कर दिया।
उन्हें एकता कपूर के धारावाहिक **‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’** में तुलसी विरानी की भूमिका मिली।
तुलसी का किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि स्मृति ईरानी लंबे समय तक भारतीय टेलीविजन की सबसे पहचानी जाने वाली अभिनेत्रियों में शामिल रहीं।
आज भी उनके नाम के साथ तुलसी विरानी की पहचान मजबूती से जुड़ी हुई है।
टीवी से निकलकर पहुंचीं राजनीति में
स्मृति का सफर मनोरंजन की दुनिया तक नहीं रुका।
बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ीं। धीरे-धीरे संगठन और चुनावी राजनीति में उनकी भूमिका बढ़ती गई।
वह लोकसभा सदस्य बनीं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहीं।
टीवी अभिनेत्री से केंद्रीय मंत्री तक पहुंचने के कारण उनकी कहानी भारतीय मनोरंजन और राजनीति के अनोखे करियर सफर में गिनी जाती है।
2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उनके राजनीतिक करियर में नया मोड़ आया। इसके बाद उन्होंने फिर मनोरंजन की दुनिया का रुख किया और ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के नए संस्करण में तुलसी के रूप में वापसी की। हाल में उन्होंने बताया कि चुनावी हार के बाद उन्होंने खुद मनोरंजन जगत के लोगों को फोन कर काम मांगा था।
पिता की आर्थिक स्थिति ने सिखाया संघर्ष
स्मृति ईरानी की Miss India वाली कहानी को उनके पारिवारिक संघर्ष से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
हालिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बचपन में उन्होंने गरीबी देखी थी।
उनके पिता किताबें बेचते थे और मां परिवार की आर्थिक मदद के लिए अलग-अलग काम करती थीं। स्मृति के मुताबिक इन्हीं परिस्थितियों में उन्होंने खुद से वादा किया था कि वह जीवनभर गरीब नहीं रहेंगी।
यही वजह थी कि बहुत कम उम्र से उनके अंदर काम करने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने की इच्छा मजबूत थी।
Miss India का फॉर्म भरना भी केवल ग्लैमर की चाहत से जुड़ा फैसला नहीं था। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि वह अपने लिए एक अलग पहचान और करियर बनाना चाहती थीं।
40 साल पुराना पिता से किया वादा भी किया पूरा
स्मृति ने हालिया इंटरव्यू में अपने पिता से जुड़े एक और भावुक किस्से का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि उनके पिता करीब 40 साल पहले दिल्ली में सड़क किनारे सेकंड हैंड किताबें बेचा करते थे। बाद में स्मृति ने उसी इलाके के पास घर लिया और अपने पिता को वहां बुलाया।
जब उनके पिता उस जगह पहुंचे और सामने वही सड़क देखी जहां कभी वह किताबें बेचा करते थे तो भावुक हो गए।
स्मृति के मुताबिक उन्होंने बचपन में अपने पिता से एक वादा किया था, जिसे वह वर्षों बाद पूरा कर सकीं। दिलचस्प रूप से उन्होंने कहा कि 2024 का चुनाव नहीं हारतीं तो शायद उस वादे को पूरा करने के लिए समय नहीं निकाल पातीं।
पिता की नाराजगी से समर्थन तक पहुंची कहानी
Miss India वाला किस्सा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इसमें पिता-बेटी के रिश्ते के दो बिल्कुल अलग पहलू दिखाई देते हैं।
एक तरफ जब पिता को पता चला कि बेटी Miss India में पहुंच गई है तो वह बेहद नाराज हुए। स्मृति के मुताबिक उन्हें पिटाई तक पड़ी।
दूसरी तरफ जब बेटी ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया और पैसों की जरूरत पड़ी तो पिता ने उन्हें रकम उधार भी दी।
हालांकि उन्होंने पैसे वापस करने की शर्त जरूर रखी।
यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि शुरुआती विरोध के बावजूद स्मृति अपने फैसले पर टिकी रहीं और आखिरकार उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में अपना रास्ता बनाया। ([Mid-Day][2])
एक फॉर्म और बदल गई पूरी जिंदगी
अगर स्मृति ईरानी ने उस दिन अखबार में Miss India का विज्ञापन देखकर आवेदन न किया होता तो शायद उनके करियर की दिशा अलग होती।
वह प्रतियोगिता नहीं जीत पाईं, लेकिन उससे उन्हें एक नई दुनिया देखने का मौका मिला।
इसके बाद संघर्ष आया, टेलीविजन मिला, ‘तुलसी’ की पहचान मिली और फिर राजनीति में लंबा सफर शुरू हुआ।
आज स्मृति अपनी जिंदगी के उस दौर को पीछे मुड़कर देखती हैं तो Miss India का वह फॉर्म सिर्फ एक प्रतियोगिता का आवेदन नहीं बल्कि अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश के रूप में दिखाई देता है।
जिस फॉर्म को उन्होंने परिवार से छिपकर भरा था, उसी के सिलेक्शन की खबर घर पहुंची तो पिता नाराज हुए और स्मृति के मुताबिक उनकी पिटाई हुई। बाद में उन्हीं पिता से उन्होंने आगे बढ़ने के लिए पैसे उधार लिए और अपने करियर का जोखिम उठाया।
Miss India का ताज भले ही उनके सिर नहीं सजा, लेकिन उसके बाद शुरू हुआ सफर उन्हें पहले देश की मशहूर टीवी ‘बहू’ और फिर भारतीय राजनीति के बड़े चेहरों में से एक बनाने तक ले गया।
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