दिल्ली-एनसीआर

आकाशवाणी भवन पर कांग्रेस का धरना पुलिस अलर्ट पर

Ratna Netam
6 Oct 2026 8:24 PM IST
आकाशवाणी भवन पर कांग्रेस का धरना पुलिस अलर्ट पर
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को आकाशवाणी भवन परिसर में डटे रहे। दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल दोनों नेताओं को रात के समय वहां से हटाने की कोई योजना नहीं है। प्रदर्शन के लंबा खिंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने आकाशवाणी भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त बल को अलर्ट पर रखा गया है।दिन की शुरुआत INDIA ब्लॉक के सांसदों के संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च से हुई थी। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को रास्ते में रोक दिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इसके बाद घटनाक्रम ने उस समय नया मोड़ लिया जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, विपक्षी सांसदों को बसों में बैठाकर अलग-अलग पुलिस स्टेशनों की ओर ले जाने की प्रक्रिया के दौरान राहुल और प्रियंका अचानक आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर चले गए। इसके बाद कांग्रेस के कुछ अन्य नेता भी वहां पहुंचे और विरोध प्रदर्शन जारी रहा।मंगलवार शाम तक दोनों नेता परिसर में ही मौजूद रहे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि रात में प्रदर्शनकारियों को हटाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। साथ ही, इस संभावना को ध्यान में रखा गया है कि धरना रातभर जारी रह सकता है। इसी वजह से आकाशवाणी भवन के बाहर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं।
आकाशवाणी भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था दिनभर कड़ी रही। कई रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इससे पहले युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं को भी परिसर के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हटाकर सड़क खाली कराई, जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेता परिसर में बने रहे।
INDIA ब्लॉक का विरोध मुख्य रूप से SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की है। चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।राहुल गांधी ने दिन के दौरान सवाल उठाया कि विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग तक जाने और अपनी बात रखने से क्यों रोका जा रहा है। वहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों की ओर से कहा गया कि उन्हें किसी राजनीतिक दल की ओर से मुलाकात का औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था। यह बयान उस समय सामने आया जब राहुल और प्रियंका आकाशवाणी भवन परिसर में अपना विरोध जारी रखे हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। एक ओर विपक्षी सांसदों का बड़ा समूह चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहा था, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ता भी मध्य दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे थे। इसके चलते सुरक्षा बलों को कई स्थानों पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था करनी पड़ी।दिन में राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते भी दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। हालांकि बाद में आकाशवाणी भवन पहुंचकर राहुल और प्रियंका ने धरना जारी रखा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक चुनाव आयोग उनकी मांगों पर जवाब नहीं देता।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने विपक्ष के प्रदर्शन की आलोचना की है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं विपक्ष का कहना है कि उसका आंदोलन मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा है।रात बढ़ने के साथ आकाशवाणी भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों का फोकस फिलहाल स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना से बचने पर है। प्रदर्शनकारियों को तत्काल हटाने की बजाय स्थिति पर नजर रखने की रणनीति अपनाई गई है।
आकाशवाणी भवन के बाहर RAF और दिल्ली पुलिस की तैनाती भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। परिसर के आसपास आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है और अतिरिक्त पुलिस बल को जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनात करने की तैयारी रखी गई है।कांग्रेस नेताओं के धरने के चलते मध्य दिल्ली का यह इलाका राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी के कारण बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और मीडिया कर्मी भी क्षेत्र में पहुंचे हैं।फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने रात में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हटाने की तत्काल योजना नहीं बनाई है। ऐसे में विरोध प्रदर्शन रातभर जारी रह सकता है। आने वाले घंटों में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच किसी तरह की बातचीत होती है या धरना बुधवार तक जारी रहता है।
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