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1 नवंबर को जुटेंगे INDIA गठबंधन के बड़े नेता, 3500 जवान संभालेंगे सुरक्षा
Rajeshwari Nishad
31 Oct 2026 3:17 PM IST

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार, 1 नवंबर को कांग्रेस की 'चलो दिल्ली' रैली आयोजित होने जा रही है। रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली को लेकर कांग्रेस संगठन और दिल्ली पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रैली में कांग्रेस के साथ INDIA गठबंधन के अन्य विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के अनुमान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस के मुताबिक, रैली के दौरान करीब 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों, बॉडी कैमरों और सुरक्षा बलों की मदद से पूरे इलाके पर नजर रखी जाएगी।
यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच आयोजित की जा रही है। कांग्रेस ने इसे लेकर देशभर में संगठनात्मक अभियान चलाया है। अब दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी सभा के जरिए इस मुद्दे को उठाने की तैयारी है।
रामलीला मैदान में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम
कांग्रेस की इस रैली के लिए रामलीला मैदान को निर्धारित अवधि के लिए बुक कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से कार्यक्रम के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी किया है। रैली रविवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित करने की अनुमति दी गई है।
पुलिस ने आयोजकों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम निर्धारित समय के भीतर समाप्त किया जाए और इसके बाद भीड़ को व्यवस्थित तरीके से वापस भेजा जाए। रैली स्थल पर रात में किसी को रुकने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को पेयजल, महिलाओं के लिए अलग शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा रैली में दिए जाने वाले भाषणों के दौरान सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की शर्त रखी गई है।
3,500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
रैली में संभावित भीड़ और वीआईपी नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। पुलिस की योजना के मुताबिक, करीब 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगी।
रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरों के साथ बॉडी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, मैदान और आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। मेटल डिटेक्टर और सामान की जांच के लिए स्क्रीनिंग व्यवस्था भी की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और आपातकालीन व्यवस्था तैयार रखी जाएगी।
35 हजार से 50 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रैली में पहुंचने वाली भीड़ को नियंत्रित करना होगा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, रामलीला मैदान में करीब 35 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई थी। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में यह संख्या 50 हजार तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
कांग्रेस की ओर से दिल्ली और आसपास के राज्यों के पार्टी कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल होने के लिए तैयारियां करने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से पार्टी समर्थकों के पहुंचने की संभावना है।
रैली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां वीआईपी मूवमेंट, आम लोगों की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखकर व्यवस्था कर रही हैं।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर रैली
कांग्रेस की इस रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने और अन्य गड़बड़ियों के कारण मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विपक्षी दल इस रैली के माध्यम से अपने आरोपों और मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही बहस जारी है।
दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था में हो सकते हैं बदलाव
रैली के कारण रविवार को मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने की तैयारी की है।
रिपोर्टों के अनुसार, यातायात प्रबंधन के लिए 10 डायवर्जन पॉइंट निर्धारित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जा सकता है। रैली में आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए करीब 350 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और 100 से अधिक होमगार्ड को भी तैनात किया जाएगा।
विशेष रूप से अजमेरी गेट, दिल्ली गेट, दरियागंज और रामलीला मैदान के आसपास के रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशनों के आसपास भी अतिरिक्त भीड़ रहने की संभावना है।
दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें। अनावश्यक रूप से रामलीला मैदान और आसपास के व्यस्त मार्गों पर जाने से बचें।
बिना अनुमति रैली स्थल से बाहर मार्च करने पर रोक
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रैली समाप्त होने के बाद भीड़ को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से वापस भेजा जाए। रामलीला मैदान से जंतर-मंतर या अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों की तरफ मार्च निकालने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस ने मैदान के आसपास बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की है। रैली में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा जांच के लिए निर्धारित प्रवेश द्वारों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुलिस के पास आपातकालीन योजना भी रहेगी।
कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन पर देशभर की नजरें
कांग्रेस की 'चलो दिल्ली' रैली ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने और विपक्षी दलों के बीच समन्वय प्रदर्शित करने की तैयारी में है।
रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली इस सभा में कितने लोग पहुंचते हैं और विपक्षी नेता अपने भाषणों में किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर तैयारियां पूरी करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। आम लोगों के लिए रविवार को दिल्ली के मध्य हिस्से में यात्रा करने से पहले यातायात संबंधी निर्देशों की जानकारी लेना महत्वपूर्ण रहेगा।
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