तेलंगाना

दहेज हत्या केस में बड़ा गड़बड़झाला, कांस्टेबल पर सोना और नकदी हड़पने का आरोप

Ratna Netam
31 Oct 2026 3:08 PM IST
दहेज हत्या केस में बड़ा गड़बड़झाला, कांस्टेबल पर सोना और नकदी हड़पने का आरोप
x
हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां मीरपेट पुलिस स्टेशन में तैनात एक कांस्टेबल पर जांच के दौरान जब्त किए गए सोने और नकदी का कथित तौर पर गबन करने का आरोप लगा है। आरोपी कांस्टेबल की पहचान श्रवण कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसने जब्त मोबाइल फोन में मौजूद 1.70 लाख रुपये अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, मामले में जब्त किए गए 12 तोला सोने के आभूषण भी कथित तौर पर गिरवी रख दिए।मामले का खुलासा होने के बाद मीरपेट पुलिस ने कांस्टेबल के खिलाफ केस दर्ज किया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
जब्त मोबाइल से किया पैसों का ट्रांसफर
पुलिस की जांच में सामने आया कि श्रवण कुमार ने एक मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन का कथित रूप से दुरुपयोग किया। इस मोबाइल में ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध थी। आरोप है कि कांस्टेबल ने इसी सुविधा का इस्तेमाल करते हुए 1 लाख 70 हजार रुपये अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।जांच के दौरान पैसों के इस लेनदेन का पता चला। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस को संदेह हुआ कि जब्त किए गए मोबाइल फोन और उससे जुड़े बैंकिंग लेनदेन का इस्तेमाल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बजाय निजी फायदे के लिए किया गया है।मामले की जांच आगे बढ़ने पर कांस्टेबल की भूमिका सामने आई और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
12 तोला सोना भी गिरवी रखने का आरोप
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात जब्त किए गए सोने के आभूषणों को लेकर सामने आई। पुलिस के अनुसार, श्रवण कुमार ने उसी मामले में जब्त किए गए करीब 12 तोला सोने के आभूषण कथित तौर पर गिरवी रख दिए थे।बताया जा रहा है कि कांस्टेबल ने सोने को निजी व्यक्तियों या वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखकर उसके बदले पैसे हासिल किए। इस तरह उसने कथित रूप से नकदी के साथ सोने का भी दुरुपयोग किया।पुलिस के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद जब्त संपत्ति से जुड़े लेनदेन और आभूषणों के संबंध में जांच की गई। इसके बाद श्रवण कुमार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।हालांकि, गिरवी रखे गए सोने की मौजूदा स्थिति, उसे छुड़ाने की कार्रवाई और पूरी रकम की बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
मीरपेट पुलिस ने कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद श्रवण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन से रकम ट्रांसफर करने और सोने को गिरवी रखने की घटनाएं किस तरह हुईं। साथ ही रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजी गई रकम और गिरवी रखे गए सोने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि जब्त की गई संपत्ति पुलिस की आधिकारिक अभिरक्षा में होती है। ऐसे में उसका किसी भी निजी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना गंभीर मामला माना जाता है।
पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
किसी भी आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस नकदी, सोना, मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामान जब्त करती है। इन वस्तुओं को सुरक्षित रखना और उनका पूरा रिकॉर्ड तैयार करना संबंधित पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी होती है।जब्त सामान को मालखाने या निर्धारित सुरक्षित व्यवस्था में रखा जाता है, ताकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसे साक्ष्य के रूप में अदालत के सामने पेश किया जा सके। इस तरह की संपत्ति के साथ छेड़छाड़ होने से न केवल जांच प्रभावित हो सकती है, बल्कि पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी प्रभावित होने का खतरा रहता है।मीरपेट की इस घटना ने जब्त संपत्ति की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर तब, जब आरोप उसी विभाग के एक कर्मचारी पर लगा है, जिसकी जिम्मेदारी कानून का पालन कराना और जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों की सुरक्षा करना है।
जांच के बाद सामने आएंगे और तथ्य
फिलहाल श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस मामले के वित्तीय लेनदेन, जब्त मोबाइल फोन और सोने के आभूषणों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि इस कथित गबन में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून की रक्षा करने वाले विभाग के भीतर ही जब्त संपत्ति के दुरुपयोग के आरोप सामने आते हैं, तो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।संपादकीय तथ्य-जांच नोट: उपलब्ध 31 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों में 1.70 लाख रुपये और 12 तोला सोना जब्त संपत्ति के रूप में दर्ज है, लेकिन मूल केस को विशेष रूप से दहेज हत्या का मामला बताने की पुष्टि नहीं मिली। इसलिए प्रकाशन से पहले इसकी पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से कर लें।
Next Story