तेलंगाना

साइबर धोखाधड़ी मामला: हैदराबाद में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी

Tara Tandi
31 Oct 2026 1:16 PM IST
साइबर धोखाधड़ी मामला: हैदराबाद में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
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हैदराबाद: एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैदराबाद में तीन जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ED ने डिजिटल सबूत जुटाए, 6.40 लाख रुपये नकद जब्त किए और 11 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया, जिनमें कुल 14 लाख रुपये जमा थे। प्रवर्तन निदेशालय के कोच्चि जोनल ऑफिस ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA), 2002 के तहत 28 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में ये तलाशी अभियान चलाए।
अधिकारी ने एक बयान में बताया कि ये तलाशी अभियान अल्लामराजू सत्यनारायण मूर्ति से जुड़ी जगहों पर चलाए गए। यह कार्रवाई एर्नाकुलम में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी के मामले के सिलसिले में की गई है। ED ने यह जांच एर्नाकुलम साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की थी। ED के अनुसार, निमेश नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे टेलीग्राम ऐप के जरिए फोन कॉल और मैसेज करके ज्यादा रिटर्न का लालच दिया और निवेश करने के लिए
राजी किया
।
शिकायतकर्ता को बताया गया था कि वह www.capitalix.com वेबसाइट के जरिए ट्रेडिंग करके अच्छा मुनाफा कमा सकता है। इसके बाद, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में कुल 24.76 करोड़ रुपये अपने नियंत्रण वाले विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
इसके बाद, आरोपियों ने न तो वादा किया गया मुनाफा दिया और न ही मूल रकम लौटाई। इस तरह उन्होंने धोखाधड़ी की और विश्वासघात (criminal breach of trust) किया, जिससे शिकायतकर्ता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जांच से पता चला है कि 23 मई 2023 से 27 मई 2024 के बीच शिकायतकर्ता के साथ 26.02 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
ED ने बताया कि पैसे मिलने के बाद, आरोपियों ने इसे अपने द्वारा चलाए जा रहे कई 'म्यूल अकाउंट्स' (mule accounts) में ट्रांसफर कर दिया। ऐसा जानबूझकर किया गया ताकि फंड के असली स्रोत का पता न चल सके। जांच में यह भी सामने आया कि अल्लामराजू सत्यनारायण मूर्ति ने अपने परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों के नाम पर कई कंपनियां (entities) बनाई थीं, जिनका इस्तेमाल फंड को इधर-उधर घुमाने (layering) के लिए किया गया। इसमें BTR इंडस्ट्रीज, वेलुगु ट्रेडिंग कंपनी, आश्रिता मेगा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी इकाइयां शामिल थीं। ED ने बताया कि हैदराबाद में एक विला प्रोजेक्ट, आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और आश्रिता इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से शुरू किया गया था।
ED के अनुसार, आरोपी ने अपराध से हासिल की गई रकम (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से कई अचल संपत्तियां खरीदी हैं। तलाशी के दौरान, दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के रूप में अहम साक्ष्य जब्त किए गए। ED ने बताया कि उसने लगभग 5 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों, प्लॉट और एक विला की भी पहचान की है।
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