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दिल्ली-एनसीआर
राहुल गांधी की बस के टायर से निकाली हवा, प्रदर्शन तेज
Kanchan Paikara
7 Oct 2026 7:22 PM IST

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में जमकर हंगामा हुआ। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA ब्लॉक के कई सांसदों को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। इसी दौरान उन बसों में से एक के टायर पंचर किए जाने की खबर सामने आई, जिनसे नेताओं और प्रदर्शनकारियों को ले जाया जा रहा था। कुछ रिपोर्टों में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बस के टायर पंचर किए ताकि नेताओं को वहां से ले जाने में पुलिस को दिक्कत हो।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर विरोध कर रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा जनपथ स्थित एक रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों के लिए आयोजित लंच के बाद नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर जाने का फैसला किया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, खड़गे और अन्य विपक्षी नेता बसों में सवार होकर जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए।
जंतर-मंतर से पहले रोकी गई बसें
दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों की बसों को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले अशोक रोड और जनपथ के आसपास रोक दिया। पुलिस का कहना था कि जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी है और इसके लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना होता है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर का हवाला दिया।
बसें रोके जाने के बाद विपक्षी सांसद सड़क पर उतर आए और वहीं धरना शुरू करने की कोशिश की। देखते ही देखते इलाके में बड़ी संख्या में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
बस के टायर पंचर होने से बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस समय हुई जब एक बस के टायर पंचर होने की खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेताओं को ले जाने के लिए पुलिस द्वारा लाई गई कुछ बसों के टायर कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंचर कर दिए। इसका मकसद नेताओं को मौके से ले जाने से रोकना बताया गया। हालांकि इस घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
इसी घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को पुलिस बसों में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते तनाव के कारण जंतर-मंतर तथा आसपास का इलाका कुछ समय के लिए राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया।
प्रियंका गांधी सड़क पर लेटीं
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा का विरोध भी सुर्खियों में रहा। पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी और कुछ महिला सांसद सड़क पर लेट गईं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि उनके और अन्य सांसदों के साथ बल प्रयोग किया गया।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया। पुलिस की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रिया दी गई, लेकिन मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बस की छत पर चढ़े कांग्रेस नेता
हंगामे के दौरान कांग्रेस के कुछ नेता बस की छत पर भी चढ़ गए। रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद बस के ऊपर चढ़कर विरोध जताते दिखे। नेताओं ने कहा कि उन्हें जंतर-मंतर जाने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी भी की। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी बोले- FIR मेरे लिए मेडल
विरोध प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले से 45 FIR हैं और उनका लक्ष्य 100 FIR तक पहुंचना है। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए हर FIR एक ‘मेडल’ की तरह है और वह चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विरोध जारी रखेंगे।
एक दिन पहले भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेता चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। उन्हें पुलिस ने रास्ते में रोक दिया था। बाद में राहुल गांधी और कई सांसद आकाशवाणी भवन परिसर पहुंच गए और वहां कई घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस मामले में राहुल और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ कथित अनधिकृत प्रवेश को लेकर FIR दर्ज की गई।
क्यों हो रहा है विरोध?
विपक्ष का विरोध चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और कई फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं।
एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कई फैसलों पर आपत्ति जताई थी। चुनाव आयोग ने इस पर कहा कि बहु-सदस्यीय संस्था में मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
जंतर-मंतर बना सुरक्षा किला
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी थी। बैरिकेड लगाए गए और पुलिस के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। जनपथ और अशोक रोड पर भी आवागमन प्रभावित हुआ। विपक्षी सांसदों की बसें रोके जाने के बाद सड़क पर लंबा जाम और अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
कुल मिलाकर बुधवार को जंतर-मंतर जाने की कोशिश के दौरान विपक्ष और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव और तेज हो गया। बस के टायर पंचर किए जाने की घटना, नेताओं का बस की छत पर चढ़ना, प्रियंका गांधी का सड़क पर लेटना और राहुल गांधी समेत कई सांसदों की हिरासत ने पूरे घटनाक्रम को और गर्मा दिया। विपक्ष ने साफ किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR से जुड़े सवालों को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
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