
Career: बक्सर जिले के रहने वाले अजीत कुमार ने संघर्ष और धैर्य की मिसाल पेश करते हुए 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में 726वीं रैंक हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (Rural Development Officer) पद प्राप्त किया है। यह सफलता उनके लंबे संघर्ष और लगातार प्रयासों का परिणाम है।
अजीत कुमार की यात्रा साल 2013 से शुरू होती है, जब सहरसा में पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के दौरान उनका चयन बिहार सैन्य पुलिस-4, डुमरांव (बक्सर) में सिपाही के पद पर हुआ था। नौकरी मिलने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को नहीं छोड़ा और ड्यूटी के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से इतिहास विषय में स्नातक पूरा किया और BPSC की तैयारी में जुट गए।
इस लंबे सफर में उन्हें कई परीक्षाओं में असफलताओं का सामना करना पड़ा। 63वीं BPSC में प्रीलिम्स, 64वीं और 65वीं मेंस, 66वीं में फिर प्रीलिम्स, 67वीं में अंतिम मेरिट से नाम गायब, 68वीं में फिर प्रीलिम्स, 69वीं में परीक्षा ही नहीं दे पाए और 71वीं में भी प्रीलिम्स में असफल रहे। इसके अलावा JPSC, CDPO, ASO, SI और रेलवे सहित कई परीक्षाओं में भी उन्हें निराशा मिली। कुल मिलाकर उन्होंने 12 से अधिक बार असफलता का सामना किया।
इतनी असफलताओं के बावजूद अजीत ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और अपने लक्ष्य पर डटे रहे। इस पूरे सफर में उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
अजीत का कहना है कि उनके माता-पिता का आशीर्वाद और शिक्षकों का मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहा, लेकिन उनकी पत्नी ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। कठिन समय में पत्नी ने घर की जिम्मेदारियां संभालीं और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। यही समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
अजीत कुमार की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बार-बार असफलता के बावजूद अपने सपनों को छोड़ने के बजाय मेहनत करते रहते हैं।





