
Career: साहिबा खान बनीं 70वीं BPSC टॉपर, SDM बनने का सपना किया पूरा| बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल परिणाम जारी हो चुका है, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. इस परीक्षा में साहिबा खान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में 35वीं रैंक हासिल की है. इस उपलब्धि के साथ उनका चयन उपजिलाधिकारी (SDM) पद के लिए हुआ है. उनकी सफलता की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र के पिठौरी गांव की रहने वाली साहिबा खान का सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है. उनके पिता खालिद अली खान भारतीय वायुसेना से रिटायर अधिकारी हैं. परिवार में अनुशासन और शिक्षा का माहौल शुरू से ही रहा, जिसका सीधा असर साहिबा की पढ़ाई पर पड़ा. बचपन से ही उनकी पढ़ाई में गहरी रुचि थी और स्कूल के दिनों से ही वे हर कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करती रही हैं. परिवार के अनुसार साहिबा हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता देती थीं और लक्ष्य को लेकर बेहद गंभीर रहती थीं. उनकी मां ने भी शिक्षा के माहौल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई. घर में पढ़ाई के लिए शांत और अनुशासित वातावरण ने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया.
साहिबा खान की तैयारी का तरीका भी उनकी सफलता का बड़ा कारण माना जा रहा है. उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया और मोबाइल जैसी चीजों से दूरी बना ली थी. उनका पूरा ध्यान केवल अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहा. बताया जाता है कि उन्होंने कठिन दिनों में रोजाना 16 से 18 घंटे तक अध्ययन किया. यह नियमितता और आत्म-अनुशासन उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई.
परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने सामान्य अध्ययन, करंट अफेयर्स और वैकल्पिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया. लगातार अभ्यास, टेस्ट सीरीज और समय प्रबंधन ने उनकी तैयारी को और मजबूत किया. कई बार कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं. साहिबा की निजी जिंदगी भी उनकी उपलब्धि के साथ चर्चा में है. उनकी शादी हो चुकी है और उनके पति मोहम्मद ताबिश हसन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 2024 बैच के अधिकारी हैं. वर्तमान में वे हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. परिवार के अनुसार, ससुराल पक्ष से भी साहिबा को पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिला, जिससे उनकी तैयारी और भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सकी.
इस सफलता के बाद साहिबा खान का नाम उन उम्मीदवारों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने कठिन मेहनत और लगन के दम पर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है. उनका कहना है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो किसी भी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है. उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा भी है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं. साहिबा की कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर प्रयास से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.





