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दिवाली के बाद भी बच्चों की छुट्टी जारी, इस राज्य में 13 दिन बंद रहेंगे स्कूल
Rajeshwari Nishad
2 Nov 2026 12:52 PM IST

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नई दिल्ली: नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के स्कूलों में छुट्टियों को लेकर अलग-अलग राज्यों में स्थिति बदल गई है। कहीं दिवाली की लंबी छुट्टियां शुरू हो गई हैं, तो कहीं विद्यार्थियों को अभी नियमित कक्षाओं में जाना होगा। सोमवार, 2 नवंबर 2026 से महाराष्ट्र में स्कूलों की 13 दिनों की दिवाली छुट्टियां शुरू हो गई हैं। राज्य के विद्यार्थियों को लगातार करीब दो सप्ताह तक स्कूल जाने से राहत मिलेगी। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फिलहाल कोई राज्यव्यापी स्कूल अवकाश घोषित नहीं किया गया है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर स्कूल सामान्य समय के अनुसार संचालित होंगे।
दूसरी तरफ दक्षिण भारत में मौसम ने स्कूलों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के कारण तमिलनाडु के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में सोमवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
ऐसे में अगर आपके बच्चे भी स्कूल जाते हैं और आप जानना चाहते हैं कि 2 नवंबर को किन राज्यों में स्कूल खुले हैं और कहां छुट्टियां घोषित की गई हैं, तो आइए जानते हैं राज्यवार पूरा अपडेट।
महाराष्ट्र में 2 से 14 नवंबर तक स्कूलों की छुट्टी
महाराष्ट्र के विद्यार्थियों के लिए नवंबर महीने की शुरुआत राहत लेकर आई है। राज्य में सोमवार, 2 नवंबर से दिवाली की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। शैक्षणिक कैलेंडर 2026-27 के अनुसार, राज्य के मान्यता प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में 2 नवंबर से 14 नवंबर तक अवकाश निर्धारित किया गया है।
इस तरह विद्यार्थियों को लगातार 13 दिनों की छुट्टियां मिलेंगी। इस दौरान परिवार के साथ त्योहार मनाने, रिश्तेदारों से मिलने और घूमने-फिरने का मौका मिलेगा। दिवाली की छुट्टियों में धनतेरस, दीपावली पाडवा और भाऊबीज जैसे प्रमुख पर्व भी शामिल हैं।
छुट्टियों का कार्यक्रम 14 नवंबर तक निर्धारित है। इसके बाद 15 नवंबर को रविवार होने के कारण विद्यार्थियों को अगले दिन यानी सोमवार, 16 नवंबर से दोबारा स्कूल जाना होगा। दूसरे सत्र की पढ़ाई भी इसी दिन से शुरू होने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली-NCR में सामान्य रूप से चलेंगे स्कूल
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सोमवार, 2 नवंबर को स्कूलों के लिए कोई सामान्य राज्यव्यापी या क्षेत्रव्यापी छुट्टी घोषित नहीं की गई है। ऐसे में अधिकांश स्कूल अपने नियमित समय के अनुसार संचालित होंगे।
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने से पहले संबंधित स्कूल की सूचना जरूर देख लें। कुछ निजी स्कूल अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार अलग से दिवाली की छुट्टियां दे सकते हैं। इसलिए सभी स्कूलों के लिए एक जैसी छुट्टी मानना सही नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी छुट्टी नहीं
उत्तर प्रदेश में भी 2 नवंबर को राज्यव्यापी स्कूल अवकाश की घोषणा नहीं हुई है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, नोएडा और गाजियाबाद सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में स्कूल सामान्य रूप से चलने की संभावना है।
हालांकि, नवंबर महीने में दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के अवसर पर छुट्टियां मिलेंगी। उपलब्ध स्कूल अवकाश कैलेंडर के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 8 से 11 नवंबर के बीच प्रमुख त्योहारों के कारण अवकाश रहने की संभावना है। अलग-अलग जिलों और स्कूलों का कार्यक्रम स्थानीय आदेश के अनुसार बदल सकता है।
वहीं हरियाणा में भी 2 नवंबर को सभी स्कूल बंद रखने का कोई राज्यव्यापी आदेश सामने नहीं आया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार और अन्य जिलों में स्कूलों के नियमित रूप से संचालित होने की उम्मीद है। हालांकि, निजी स्कूल अपने स्तर पर अलग छुट्टी का कार्यक्रम निर्धारित कर सकते हैं।
चक्रवात मुरासु के कारण चेन्नई और तिरुवल्लुर में छुट्टी
तमिलनाडु में मौसम की स्थिति ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से राज्य के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेन्नई और तिरुवल्लुर सहित कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम की चेतावनी को देखते हुए चेन्नई की जिला कलेक्टर एस. मालती हेलन ने सोमवार, 2 नवंबर को जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने की घोषणा की। तिरुवल्लुर जिला प्रशासन ने भी इसी तरह का अवकाश घोषित किया है।
यह छुट्टी केवल एक दिन के लिए घोषित की गई है। प्रशासन का कहना है कि भारी बारिश और जलभराव की आशंका के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अभिभावकों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
सात जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
चक्रवात मुरासु के प्रभाव से तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों में मौसम बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। चक्रवाती तूफान के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में तमिलनाडु के तटीय इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चेन्नई और तिरुवल्लुर के अलावा जिन जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है, वहां के विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, केवल मौसम अलर्ट जारी होने का मतलब यह नहीं है कि सभी जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
नवंबर में आगे कब-कब रहेंगे स्कूल बंद?
नवंबर 2026 में दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती जैसे त्योहारों के कारण अलग-अलग राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां रहेंगी।
तारीख
त्योहार
6 नवंबर
धनतेरस
8 नवंबर
दिवाली
9 नवंबर
गोवर्धन पूजा
11 नवंबर
भाई दूज
15 नवंबर
छठ पूजा
24 नवंबर
गुरु नानक जयंती
इनमें से सभी त्योहारों पर पूरे देश में स्कूलों की छुट्टी जरूरी नहीं है। अवकाश राज्य सरकारों और संबंधित स्कूलों के कैलेंडर के अनुसार निर्धारित होगा।
अभिभावक स्कूल की छुट्टी का अपडेट जरूर देखें
स्कूलों की छुट्टियों को लेकर इस बार अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था है। महाराष्ट्र में जहां 13 दिनों की दिवाली छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर, यूपी और हरियाणा में अधिकांश स्कूल नियमित रूप से खुलेंगे। तमिलनाडु में चक्रवात और भारी बारिश के कारण चेन्नई तथा तिरुवल्लुर में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
अभिभावकों को सलाह है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने से पहले स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप, वेबसाइट या प्रशासन की ओर से जारी सूचना जरूर जांच लें। खासकर बारिश प्रभावित इलाकों में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
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